कटनी में 50 लाख टन अवैध खनन का मामला NGT में पहुंचा; BJP नेता अशोक विश्वकर्मा के परिवार पर 600 करोड़ से अधिक का आरोप

NGT की अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट होगी।

कटनी में 50 लाख टन अवैध खनन का मामला NGT में पहुंचा; BJP नेता अशोक विश्वकर्मा के परिवार पर 600 करोड़ से अधिक का आरोप

कटनी/भोपाल, 19 जनवरी 2026 – मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कथित बड़े पैमाने पर अवैध खनन और पर्यावरण उल्लंघन का मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की जांच के दायरे में आ गया है। भोपाल निवासी सर्वज्ञ चतुर्वेदी ने BJP नेता अशोक विश्वकर्मा के परिवार द्वारा संचालित खदानों के खिलाफ याचिका दायर की है।

याचिका में 50.40 लाख मीट्रिक टन खनिज के एक्सेस (अतिरिक्त) उत्खनन का आरोप है, जिसकी बाजार मूल्य 600 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 12 सरकारी विभागों और व्यक्तियों को पक्षकार बनाया गया है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

याचिका में बनाए गए प्रमुख पक्षकार (प्रतिवादी):शंकरलाल विश्वकर्मा (खदान संचालक, कटनी निवासी)पूरनलाल विश्वकर्मा (खदान संचालक, कटनी निवासी)केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) – सचिव के माध्यम से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) – अध्यक्ष के माध्यम से मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) – सदस्य सचिव के माध्यम से भारतीय खान ब्यूरो (IBM), नागपुर – नियंत्रक जनरल के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य – प्रधान सचिव, खनिज संसाधन विभाग के माध्यम सेजिला कलेक्टर, कटनी वन अधिकारी (DFO), कटनी केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) – अध्यक्ष के माध्यम से राज्य भूजल प्राधिकरण /

PHE विभाग – प्रधान सचिव के माध्यम से पुलिस अधीक्षक (SP), कटनी याचिका का आधार और धाराएं:याचिकाकर्ता ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 14, 15 और 18(1) के तहत यह आवेदन दायर किया है। ये धाराएं पर्यावरण संरक्षण, क्षति की भरपाई और प्रभावित क्षेत्रों के पुनरुद्धार से जुड़ी हैं।

क्या है मुख्य आरोप?स्थान: मुड़वारा तहसील के ग्राम टिकरिया में स्थित खदानें।आरोप: स्वीकृत खनन सीमा से बाहर जाकर 50.40 लाख मीट्रिक टन खनिज का अवैध उत्खनन।शंकरलाल विश्वकर्मा पर 32.60 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खनन का आरोप।पूरनलाल विश्वकर्मा पर 17.80 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खनन का आरोप।

आर्थिक नुकसान: अवैध खनन से सरकार को रॉयल्टी और जुर्माने के रूप में करोड़ों का नुकसान, जबकि खनिज की बाजार कीमत 600 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।पर्यावरणीय प्रभाव:याचिका में दावा किया गया है कि इतने बड़े पैमाने पर खुदाई से:क्षेत्र का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भूजल स्रोतों को गंभीर क्षति पहुंची है।इससे संबंधित केंद्रीय और राज्य भूजल बोर्डों को भी पक्षकार बनाया गया है।प्रशासन की ओर से अब तक की चुप्पी और उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए, NGT की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सिद्ध हुए, तो यह मध्य प्रदेश में अवैध खनन के सबसे बड़े मामलों में से एक बन सकता है, जिसमें भारी जुर्माना, खनन लाइसेंस रद्द होना और पर्यावरण बहाली के आदेश संभव हैं।

NGT की अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट होगी।

admin

Recent Posts

कटनी पुलिस की सतर्कता से चोर रंगे हाथ पकड़ा: चोरी की रॉयल एनफील्ड बुलेट 24 घंटे में बरामद

पुलिस ने चेतावनी दी है कि वाहन चोरी जैसे अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति…

16 hours ago

कटनी में रंगों का महापर्व: होली 2026 ने शहर को उमंग और भाईचारे से सराबोर कर दिया

प्रशासन की सतर्कता और लोगों के उत्साह ने मिलकर इसे एक यादगार महापर्व बना दिया।बुरा…

16 hours ago

कटनी में दिनदहाड़े बमबाजी: पुरानी रंजिश में देसी बम फेंके, 9 लोग झुलसे—महिलाएं-बच्चे भी घायल

पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि रंजिश पिछले कुछ दिनों से चल रही थी,…

17 hours ago

Katni news एक शाम शहीदों के नाम होली हास्य हंगामा कल

यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि शहीदों को श्रद्धांजलि भी देगा। आइए,…

2 days ago

This website uses cookies.