कटनी: रेत के अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, प्रशासन को अल्टीमेटम
कटनी: रेत के अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, प्रशासन को अल्टीमेटम
ग्रामीणों के आरोप: नियमों की अनदेखी, प्रशासन की निष्क्रियता


कटनी, 01 अगस्त 2025: कटनी जिले की बड़वारा तहसील में रेत के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने बड़वारा के परमानंद तिराहे से काली पट्टी बांधकर और शिकायतों का ज्ञापन लेकर तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने खनिज विभाग, स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसीलदार ऋषि गौतम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।ग्रामीणों के आरोप: नियमों की अनदेखी, प्रशासन की निष्क्रियताग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों द्वारा बड़वारा क्षेत्र में नियम-कानूनों को ताक पर रखकर रेत का अवैध खनन, परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। राघवेंद्र सिंह ने कहा, “हमने कई बार प्रशासन और खनिज विभाग में शिकायतें दर्ज कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन की उदासीनता के कारण हमें सड़कों पर उतरना पड़ा।”विशेष रूप से, ग्रामीणों ने विलायत कला ग्राम पंचायत के गुड़ा मोड़ के पास रेत के अवैध भंडारण पर आपत्ति जताई। अवध लाल यादव ने बताया, “यहां अनुमति से कई गुना अधिक रेत का भंडारण किया गया है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।”एक सप्ताह का अल्टीमेटम, धरने की चेतावनीप्रदर्शनकारी राहुल चौधरी ने कहा, “हमने अवैध रेत खनन और भंडारण की जांच के लिए आज ज्ञापन सौंपा है। यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो सैकड़ों ग्रामीण रेत भंडारण स्थल पर धरना देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।”प्रशासन का जवाबतहसीलदार ऋषि गौतम ने कहा, “ग्रामीणों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। रेत भंडारण की जांच के लिए मांग पत्र संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों पर भरोसा नहीं करेंगे और ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा करेंगे।प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगप्रदर्शन में अवध लाल यादव, रामानंद परोहा, विजय कुमार चौधरी, राहुल चौधरी, रामा प्रसाद, सुनील साहू, मितेश, दुर्गेश, बबलू चौधरी, ताहिर अंसारी, कैलाश, अनिल, मंगल सिंह, मुबारक शेख, सुखसेन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।पर्यावरण और नियमों की अनदेखी का मुद्दाग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत खनन और भंडारण से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है। यह मामला अब प्रशासन की विश्वसनीयता और कार्रवाई की गति पर सवाल उठा रहा है।
