Katni barhi news : बरही वन परिक्षेत्र के बिचपुरा बीट में बाघ के हमले में युवक की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में दहशत
कटनी, मध्य प्रदेश: बरही वन परिक्षेत्र के बिचपुरा बीट में गुरुवार दोपहर एक दुखद घटना में बाघ के हमले में 22 वर्षीय युवक धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

कटनी, मध्य प्रदेश: बरही वन परिक्षेत्र के बिचपुरा बीट में गुरुवार दोपहर एक दुखद घटना में बाघ के हमले में 22 वर्षीय युवक धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र सिंह, पिता सुरेश सिंह, निवासी बिचपुरा, गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे अपने मवेशियों को चराने जंगल गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है कि बाघ ने कुछ समय पहले उसी क्षेत्र में एक मवेशी का शिकार किया था, जिसकी जानकारी धर्मेंद्र को नहीं थी। मवेशियों को चराते हुए वह उस स्थान पर पहुंच गया, जहां बाघ छिपा हुआ था।
वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरही अस्पताल भेजा गया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद वन विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वे बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद बिचपुरा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। हाल के दिनों में बाघ द्वारा मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसने स्थानीय लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ के मूवमेंट पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और मवेशियों को चराने के दौरान सावधानी बरतें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने का अनुरोध किया गया है।
यह घटना वन्यजीव और मानव के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में मानव गतिविधियों को नियंत्रित करने और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित क्षेत्र सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
