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बरही थाना प्रभारी की लापरवाही भारी पड़ी: बलात्कार पीड़िता को धमकाकर मामला हल्का करने का आरोप, SP ने की तत्काल लाइन अटैच

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मामले की जांच आगे बढ़ रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है

मामले की जांच आगे बढ़ रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है

कटनी, 15 जनवरी 2026 – मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र में एक बलात्कार की घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह यादव पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को धमकाकर गंभीर अपराध को सामान्य मारपीट का मामला बना दिया और न्याय की गुहार लगाने वाली महिला को दो दिनों तक पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलने नहीं दिया।

इस गंभीर लापरवाही के चलते पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है।पीड़िता को दो दिन तक न्याय के लिए भटकना पड़ापीड़िता के अनुसार, घटना के बाद जब वह बरही थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।

उल्टे दबाव बनाकर मामले को हल्का करने की कोशिश की गई। न्याय पाने की आस में पीड़िता दो दिनों तक SP कार्यालय के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे मुलाकात का मौका नहीं मिला।

इस दौरान उसका मानसिक उत्पीड़न जारी रहा और वह पूरी तरह अकेली महसूस कर रही थी।सीएसपी के सामने फूटा पीड़िता का दर्द, मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचाआखिरकार पीड़िता ने कटनी के सीएसपी से मुलाकात की और अपनी पूरी आपबीती सुनाई।

घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही मामला पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा तक पहुंचा। SP ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह यादव को लाइन अटैच करने का आदेश दिया।

साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं।पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज होंगेमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब पीड़िता का बयान धारा 164 CrPC के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया जाएगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, ताकि पीड़िता को पूर्ण न्याय मिल सके।

SP का सख्त संदेश: पीड़ितों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं

बलात्कार जैसे संगीन अपराध में लापरवाही और पीड़िता को डराने-धमकाने के आरोपों को बेहद गंभीर मानते हुए SP अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग में कर्तव्यहीनता और पीड़ितों के साथ अन्याय किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह कार्रवाई पूरे पुलिस महकमे के लिए एक सख्त संदेश है कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना हर पुलिसकर्मी का प्राथमिक कर्तव्य है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया कितनी संवेदनशील और त्वरित है। मामले की जांच आगे बढ़ रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

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