google1b86b3abb3c98565.html

कटनी न्यूज सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, 35 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा

0

उपकरण और इंप्लांट का भुगतान सीजीएचएस की निर्धारित पैकेज दरों के अनुसार किया जाएगा।

उपकरण और इंप्लांट का भुगतान सीजीएचएस की निर्धारित पैकेज दरों के अनुसार किया जाएगा।

कटनी न्यूजसरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, 35 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा

भोपाल प्रदेश 20 जनवरी 2026 को सरकार अपने अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक नई और व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की तैयारी में है।

राजस्थान और हरियाणा मॉडल पर आधारित इस योजना की घोषणा आगामी राज्य बजट में किए जाने की संभावना है। योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 35 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे।यह स्वास्थ्य बीमा योजना अंशदायी आधार पर लागू की जाएगी और पूरी तरह कैशलेस होगी। योजना में शामिल लाभार्थियों को स्वयं, पति-पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए फोटोयुक्त डिजिटल कार्ड प्रदान किए जाएंगे। पेंशनरों को भी इस योजना का समान लाभ मिलेगा।

आपात स्थिति में बाहर के अस्पतालों में भी इलाज संभवसरकार ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में यदि किसी असंबद्ध अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है, तो उस पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत से जुड़े सभी अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से संबद्ध अस्पताल तथा राज्य के बाहर के चयनित उच्चस्तरीय अस्पताल शामिल किए जाएंगे।राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से होगा

संचालनलोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के बाद इसे वित्त विभाग की सहमति से कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इसके लिए कानूनी, बीमा और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ एक तकनीकी टीम गठित की जाएगी, जो अस्पतालों की संबद्धता, हेल्थ पैकेज और क्लेम प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी संभालेगी।

कौन होंगे योजना के पात्रयोजना में कर्मचारी, पति-पत्नी, माता-पिता, दो आश्रित बच्चे, दत्तक संतान, तलाकशुदा पुत्री, पेंशनर एवं उनके पति-पत्नी को शामिल किया गया है। पात्र हितग्राहियों का पंजीयन एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जाएगा

और सभी को यूनिक आईडी युक्त डिजिटल कार्ड जारी होंगे। आश्रितों का सत्यापन कार्यालय प्रमुख द्वारा किया जाएगा, जो हर वर्ष अनिवार्य रहेगा। पेंशनरों का पंजीयन पेंशनर कोड के आधार पर किया जाएगा।ओपीडी और दवाओं के लिए अलग सुविधाबीमा योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को ओपीडी, दवाइयों और आवश्यक उपकरणों के लिए प्रति वर्ष 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

उपकरण और इंप्लांट का भुगतान सीजीएचएस की निर्धारित पैकेज दरों के अनुसार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *