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कटनी में मतदाता सूची घोटाले का आरोप: कांग्रेस ने लगाया भाजपा पर फर्जी आवेदनों से हजारों

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यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, आपत्तियां BLO के माध्यम से दर्ज होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि यहां नियम तोड़े जा रहे हैं

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, आपत्तियां BLO के माध्यम से दर्ज होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि यहां नियम तोड़े जा रहे हैं

कटनी (मध्य प्रदेश), 23 जनवरी 2026: कटनी जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गंभीर आरोप लगाया है कि भाजपा द्वारा फर्जी आपत्तिकर्ताओं के नाम से हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने की साजिश रची जा रही है।

कांग्रेस का दावा है कि यह कांग्रेस समर्थक और विशेष समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाकर किया जा रहा है।मुख्य खबर:भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित कटनी जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है।

प्रारंभिक मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी, और नाम जुड़वाने (फॉर्म-6) तथा नाम कटवाने (फॉर्म-7) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन के बाद ही सूची प्रकाशित हुई थी।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मिथलेश जैन ने आज पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि भाजपा ने शहर के कई वार्डों और बूथों में हजारों फर्जी फॉर्म-7 दाखिल करवाए हैं। इनमें रघुनाथगंज वार्ड (बूथ 178), न्यू कटनी जंक्शन क्षेत्र (बूथ 138-149), खिरहनी, मंगल नगर, भट्टा मोहल्ला, मदन मोहन चौबे वार्ड, ईश्वरीपुरा (बूथ 180-182) आदि शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, ये आवेदन सामान्य प्रक्रिया (BLO के माध्यम से) के बजाय सीधे तहसील कंट्रोल रूम में जमा किए गए, और कथित तौर पर उच्च स्तरीय मिलीभगत से BLO पर दबाव डाला जा रहा है कि स्थानीय निवासियों के नाम काट दिए जाएं।

प्रमुख उदाहरण:

बूथ 178 (रघुनाथगंज): दिलीप पुत्र आशाराम हल्दकार के नाम से फर्जी हस्ताक्षर वाला आवेदन। जांच में पता चला कि दिलीप हिंदी नहीं, अंग्रेजी में हस्ताक्षर करता है और उसने ऐसा कोई आवेदन नहीं दिया।

बूथ 142: रमेश पुत्र शिवचरण (जाति दुबे, ग्राम देवडोंगरा निवासी) के नाम से फर्जी आवेदन; उन्होंने भी इनकार किया।

बूथ 172: किशोरीलाल (ग्राम हरदुआ) के फर्जी हस्ताक्षर से आवेदन।अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के फर्जी फॉर्म पाए गए।कांग्रेस का आरोप है कि ये फॉर्म कंप्यूटर से टाइप किए गए हैं – प्रभावित मतदाता का विवरण प्रिंटेड, जबकि आपत्तिकर्ता का विवरण हाथ से लिखा – जो बड़े पैमाने पर सुनियोजित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।

कांग्रेस की मांग:पत्रकार वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं – पूर्व जिला ग्रामीण अध्यक्ष ठाकुर गुमान सिंह, पूर्व अध्यक्ष करण सिंह, प्रदेश जिला महामंत्री रजनी वर्मा, एडवोकेट भूपेश जायसवाल, पूर्व पार्षद मनोज कुमार गुप्ता, सेवादल पूर्व अध्यक्ष पंकज गौतम, विवेक पांडेय, गोविंद सचदेवा, दानिश अहमद आदि – ने जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष तिवारी से मांग की कि:

सभी संदिग्ध फॉर्म-7 जब्त किए जाएं।फर्जी आवेदनों की जांच हो।शामिल कर्मचारियों और व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

बैकग्राउंड:यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया चल रही है।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, आपत्तियां BLO के माध्यम से दर्ज होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि यहां नियम तोड़े जा रहे हैं।(नोट: यह आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।

भाजपा या जिला प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामले की जांच जारी रहने की संभावना है।)

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