कटनी जिले में वाहन फिटनेस व्यवस्था पर बड़ा संकट!लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने सरकार पर लगाया षड्यंत्र का आरोप, बड़े आंदोलन की चेतावनी
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है ताकि रोज़गार पर निर्भर लोगों की परेशानियां कम हो सकें
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है ताकि रोज़गार पर निर्भर लोगों की परेशानियां कम हो सकें

कटनी (मध्य प्रदेश),। रोज़ी-रोटी कमाने वाले हजारों वाहन चालकों और परिवहन व्यवसायियों के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। जिला परिवहन कार्यालय में वाहनों की फिटनेस जांच और सर्टिफिकेट जारी करने की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बंद हो चुकी है।
अब वाहन मालिकों को फिटनेस कराने के लिए 100 किलोमीटर दूर जबलपुर या सतना स्थित ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ गया है।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विन्देश्वरी पटेल ने इस स्थिति को “सरकार द्वारा रोज़ कमाने-खाने वालों के साथ किया गया षड्यंत्र” करार दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा देशभर में वाहन फिटनेस व्यवस्था को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के माध्यम से लागू किया जा रहा है, लेकिन कटनी जिले में अभी तक कोई एटीएस केंद्र शुरू नहीं हो सका।
नतीजतन, मैनुअल फिटनेस प्रणाली बंद होने के बाद जिले के व्यावसायिक वाहनों को दूर-दराज के केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।सबसे ज्यादा प्रभावित कौन?ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सीबस, ट्रक, डंपर और अन्य मालवाहक वाहनये वाहन मुख्य रूप से रोज़गार और परिवहन से जुड़े हैं।
लंबी दूरी तय करने, ट्रैवल खर्च और समय की बर्बादी से इनके मालिकों और चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।विन्देश्वरी पटेल ने मांग की है कि कटनी जिले में ही वाहन फिटनेस की व्यवस्था बहाल की जाए या तत्काल एटीएस केंद्र शुरू किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो वाहन मालिकों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में जिले में बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।यह समस्या जबलपुर संभाग के अन्य जिलों में भी देखी जा रही है, जहां सीमित एटीएस केंद्रों पर निर्भरता के कारण वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
केंद्र सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन क्रियान्वयन में देरी से आम लोगों को परेशानी हो रही है।
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है ताकि रोज़गार पर निर्भर लोगों की परेशानियां कम हो सकें।
