कटनी में 15 वर्षीय छात्रा ने अस्पताल में बच्चे को दिया जन्म, स्कूल के तीन छात्रों पर गैंगरेप का आरोप
पीड़िता और नवजात का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है। प्रशासन ने मामले को संवेदनशीलता से संभालने का वादा किया है
पीड़िता और नवजात का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है। प्रशासन ने मामले को संवेदनशीलता से संभालने का वादा किया है

कटनी, 3 फरवरी 2026 — मध्य प्रदेश के कटनी जिले के एनकेजे थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा, जो कक्षा 10वीं में पढ़ती थी, पेट दर्द की शिकायत पर परिजनों द्वारा निजी अस्पताल ले जाई गई।
वहां जांच में पता चला कि वह गर्भवती है और प्रसव का समय आ गया है। अस्पताल में उसने एक स्वस्थ बच्चे (बेटे) को जन्म दिया। इस खुलासे के बाद परिजन सदमे में आ गए और पुलिस को सूचना दी गई।
घटना का क्रमसोमवार देर रात जब छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ, तो परिजनों ने उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की जांच में गर्भावस्था की पुष्टि हुई और डिलीवरी कराई गई।
प्रसव के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पीड़िता को जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में शिफ्ट किया गया।जिला अस्पताल पहुंची पुलिस टीम ने प्रारंभिक पूछताछ की।
पीड़िता ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि जून 2025 में उसके पूर्व स्कूल के तीन छात्रों ने मास्क पहनकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
डर और शर्मिंदगी के कारण उसने इस घटना को किसी से साझा नहीं किया, जिसके चलते गर्भावस्था का पता परिवार को भी नहीं चला। पूरी घटना स्कूल परिसर या उसके आसपास हुई बताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और जांचसीएसपी नेहा पच्चीसिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पीड़िता और परिजनों के बयान के आधार पर एनकेजे थाने में POCSO एक्ट के तहत गैंगरेप का मामला दर्ज किया जा रहा है।
पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया है ताकि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी जल्द हो सके।पुलिस टीम मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है, जिसमें शामिल हैं:आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेसिंगघटना के सटीक समय और स्थान की पुष्टिस्कूल में सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन की समीक्षापीड़िता को चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक सहायता और कानूनी मदद उपलब्ध करानासमाज के लिए सवालयह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, स्कूलों में जागरूकता, परिवार में खुली बातचीत और समय पर शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ऐसी घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
पीड़िता और नवजात का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है। प्रशासन ने मामले को संवेदनशीलता से संभालने का वादा किया है।
