Katni news रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण के खिलाफ आयुध निर्माणी
मध्य प्रदेश के छह आयुध कारखानों में 25,000 से अधिक असैन्य कर्मचारियों ने इस विरोध में भाग लिया।
मध्य प्रदेश के छह आयुध कारखानों में 25,000 से अधिक असैन्य कर्मचारियों ने इस विरोध में भाग लिया।

Katni news रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण के खिलाफ आयुध निर्माणी
कटनी के कर्मचारियों ने गुरुवार को किया विरोध प्रदर्शनकटनी (मध्य प्रदेश): केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण के खिलाफ आयुध निर्माणी कटनी के कर्मचारियों ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर यहां विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।यह प्रदर्शन ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन (AIDEF) और हिंद मजदूर सभा (HMS) से संबद्ध यूनियनों तथा स्थानीय आयुध निर्माणी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले आयोजित किया गया।
सुबह से ही कर्मचारी मुख्य द्वार पर जमा होने लगे और काले बैज लगाकर ड्यूटी पर पहुंचे। दोपहर के भोजन के समय उन्होंने एक घंटे का पूर्ण लंच बहिष्कार किया और सांकेतिक हड़ताल के रूप में जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें HMS समर्थित मजदूर संघ, आयुध निर्माणी कर्मचारी यूनियन और अन्य लेबर यूनियन शामिल थे।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और विरोध के कारण:केंद्र सरकार द्वारा लागू चार नए श्रम कानूनों (लेबर कोड्स) का विरोध, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी और नियोक्ता-अनुकूल बता रहे हैं।रक्षा उत्पादन इकाइयों में बढ़ते निजीकरण, निगमीकरण और आउटसोर्सिंग के खिलाफ।नई पेंशन योजना (NPS) को रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली।
अनुकंपा नियुक्तियों की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना।श्रमिक अधिकारों के हनन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग।देशभर में 12 फरवरी 2026 को 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (जैसे INTUC, AITUC, CITU, HMS आदि) के संयुक्त मोर्चे ने इस हड़ताल का आह्वान किया था, जिसका असर मध्य प्रदेश के रक्षा प्रतिष्ठानों में भी दिखा। कटनी सहित जबलपुर, इटारसी आदि स्थानों पर कर्मचारियों ने एक घंटे की देरी से ड्यूटी जॉइन की या प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया। एआईडीईएफ के अनुसार,
मध्य प्रदेश के छह आयुध कारखानों में 25,000 से अधिक असैन्य कर्मचारियों ने इस विरोध में भाग लिया।
