बिलहरी पुलिस की बड़ी सफलता, फ्रॉड का खाता उपलब्ध कराने वाले युवक को किया गिरफ्तार
साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

नगर संवाददाता, कटनी।कटनी पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े मामले में मुंबई से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस फ्रॉड में आर्यवत शिक्षा समिति रोशन नगर के एक्सिस बैंक खाते में ४.२६ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देश पर जिले में धोखाधड़ी के मामलों में तेज कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चिसीया, थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में बिलहरी चौकी प्रभारी सुयश पाण्डेय और उनकी टीम ने आरोपी को मुंबई से ट्रेस कर गिरफ्तार किया।घटना का विवरण:रोशन नगर निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा (५६) ने थाना कुठला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी
कि जीशान उर्फ रहमान (सतना निवासी) ने संस्था को डोनेशन दिलाने के नाम पर संस्था का बैंक खाता लेकर उसमें ४.२६ करोड़ रुपये का फर्जी लेन-देन कर धोखाधड़ी की।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि फ्रॉड वाले खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और सिम का इस्तेमाल करने वाला मुख्य व्यक्ति अभिषेक नार्कर (२५ वर्ष), निवासी पूनम नगर, अंधेरी ईस्ट, मुंबई है।
पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि उसके दोस्त प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार ने उसे होटल में मोबाइल रखकर फॉरवर्डेड मैसेज ऐप से फ्रॉड का पैसा खाते में डालने का काम सौंपा था। इसके बदले उसे हफ्ते के १५,००० रुपये और महीने के ६०,००० रुपये दिए जाने थे।प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार पर पूरे भारत में लगभग ५४ धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं।
दोनों आरोपी वर्तमान में फरार हैं और दुबई में छिपे होने की सूचना है। मुंबई पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है।अभिषेक नार्कर को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।सराहनीय कार्य:इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति और आरक्षक लव उपाध्याय की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
