कटनी में औद्योगिक विकास को नई गति, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने किया प्रमुख इकाइयों का निरीक्षण
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने दोनों इकाइयों के संचालकों से राज्य की औद्योगिक नीति पर भी विस्तार से चर्चा की और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने दोनों इकाइयों के संचालकों से राज्य की औद्योगिक नीति पर भी विस्तार से चर्चा की और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

कटनी, 08 अप्रैल 2026 — जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बुधवार को कटनी की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने इकाइयों की उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन, सुरक्षा मानकों और निर्यात की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह चौहान और प्रबंधक राजेश पटेल भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट कहा कि जिले के उद्योग अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि गुणवत्ता, ब्रांडिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाएं।निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:1. मेसर्स राधे ट्रेडर्स, ग्राम इमलियानिवेश: 2.50 करोड़ रुपयेरोजगार: 15 लोगों को रोजगारउत्पाद: नमकीन और प्राइम्सकलेक्टर ने उत्पादन प्रक्रिया, विक्रय नेटवर्क और कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी ली।
उन्होंने स्थानीय मंडियों से कच्चा माल खरीदने, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन और अग्निशामक यंत्रों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 के तहत 40% अनुदान प्राप्त इस इकाई की आधुनिक तकनीक की सराहना की।2. मेसर्स सुखसागर फूड प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम पड़ुआनिवेश: 4 करोड़ रुपयेरोजगार: 24 लोगों को रोजगारविशेष: महिला संचालित इकाईउत्पाद
: पराबोइल्ड राइस और सीएमआर राइस (निर्यात: अमेरिका, खाड़ी देश एवं अफ्रीका)यह इकाई एमएसएमई योजना के तहत 48% वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही है। कलेक्टर ने उत्पादन प्रक्रिया, निर्यात व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं पर चर्चा की। इकाई में स्थापित सोलर प्लांट को लागत बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम बताया।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने दोनों इकाइयों के संचालकों से राज्य की औद्योगिक नीति पर भी विस्तार से चर्चा की और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
