कटनी की लाल पहाड़ी पर अवैध खनन का खेल: माफिया बना रहे सुरंग, प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि अवैध खुदाई तुरंत रोकी जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और लाल पहाड़ी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि अवैध खुदाई तुरंत रोकी जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और लाल पहाड़ी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

कटनी। शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध लाल पहाड़ी पर खनिज माफियाओं का निर्बाध काला कारोबार चल रहा है। करीब 300 एकड़ में फैली इस पहाड़ी में बॉक्साइट और लेटराइट जैसे मूल्यवान खनिजों की भारी मात्रा है, लेकिन माफिया दिन-रात खुदाई कर इसे लूट रहे हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहाड़ी के विभिन्न हिस्सों में मजदूर लगाकर तो कहीं जेसीबी मशीनों से सुरंगें बनाकर खुदाई का काम जोरों पर है। प्रति दिन 12 से 13 ट्राली खनिज निकाला जा रहा है।
खुदाई का काम न सिर्फ दिन में, बल्कि रात के अंधेरे में भी जारी रहता है।खनिज विभाग पर गंभीर आरोपखनिज विभाग की पूरी तरह उदासीनता के चलते यह अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी है। खनिज उपसंचालक श्री रत्नेश दीक्षित की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में खनिज निकलने के बावजूद विभाग को क्यों कोई जानकारी नहीं मिल रही?सूत्रों का दावा है कि इस अवैध खेल में शहर के कुछ बड़े सफेदपोश व्यक्ति भी शामिल हैं।
माफियाओं के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब जेसीबी जैसी भारी मशीनों से खुलेआम खुदाई की जा रही है। निकाले गए खनिज का कहाँ परिवहन और कहाँ बिक्री हो रही है, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आ रही।पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर को खतरालाल पहाड़ी केवल एक टीला नहीं, बल्कि कटनी की प्राकृतिक धरोहर और खनिज संपदा का खजाना रही है। अवैध खनन से पहाड़ी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है।इस मामले में जिला प्रशासन और खनिज विभाग से अब सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि अवैध खुदाई तुरंत रोकी जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और लाल पहाड़ी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
