कछारगांव छोटा के ग्राम रोजगार सहायक बालकिशन कटारे पर सख्त कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के निर्देशों और ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों के अनुसार विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के निर्देशों और ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों के अनुसार विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

शासकीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने लिया बड़ा एक्शन, 50% वेतन पर संलग्नकटनी, 28 मई 2026 — जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कछारगांव छोटा के ग्राम रोजगार सहायक श्री बालकिशन कटारे को शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई है।जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए श्री कटारे को रोजगार गारंटी परिषद के प्रावधानों के तहत शासकीय कार्यों से विरत कर जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में संलग्न कर दिया है।
साथ ही उन्हें नियमानुसार निर्धारित पारिश्रमिक का केवल 50% ही भुगतान किया जाएगा।कार्रवाई के मुख्य कारणजिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि ग्राम रोजगार सहायक बालकिशन कटारे ने:प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत हितग्राही सोनेलाल पटेल की 90 दिवस की मजदूरी अन्य मजदूरों के खातों में नियम विरुद्ध भुगतान कर दी।आधार ई-केवाईसी सत्यापन कार्य और जल गंगा संवर्धन अभियान में रुचि नहीं ली।ई-केवाईसी का प्रतिशत बेहद असंतोषजनक रहा — मात्र 33.41% और 44.20%।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लगभग दो माह बीत जाने के बावजूद ग्राम पंचायत में सात कार्य प्रगति पर होने के बावजूद कोई मानव दिवस सृजित नहीं किए गए।
कारण बताओ नोटिस का कोई जवाब नहीं दियाग्राम पंचायत स्तर से जारी कारण बताओ सूचना पत्र का भी श्री कटारे द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बजाय उन्होंने पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, लापरवाही और स्वेच्छाचारी रवैया अपनाया, जिसके चलते यह कड़ी कार्रवाई की गई।आगे की जांच के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के निर्देशों और ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों के अनुसार विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
