चूहों ने कुतरा बैग, रेलवे को चुकाना पड़ा 15 हजार रुपये का जुर्माना
यह फैसला न सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है, बल्कि रेलवे में स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाला भी साबित होगा।

कटनी उपभोक्ता आयोग का सख्त फैसला, यात्री को मिला मुआवजाकटनी, 29 मई 2026 — जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग कटनी ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। आयोग ने ट्रेन में चूहों द्वारा यात्री के बैग और कपड़ों को कुतर दिए जाने को ‘सेवा में घोर लापरवाही’ मानते हुए रेलवे को 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।पूरा मामला क्या था?नगर के आदर्श कॉलोनी निवासी विपिन दुबे ने वर्ष 2020 में कटनी से कल्याण (मुंबई) तक की यात्रा के लिए 3AC (वातानुकूलित तृतीय श्रेणी) का टिकट बुक किया था।
यात्रा के दौरान उन्होंने अपना सामान निर्धारित जगह पर रखा। बीच यात्रा में जब उन्होंने बैग चेक किया तो पाया कि चूहों ने बैग को बुरी तरह कुतर दिया था, जिससे उनके कीमती कपड़े और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गए।विपिन दुबे ने तत्काल रेलवे अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। अंत में न्याय की तलाश में उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।आयोग का सख्त रुखआयोग ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद रेलवे की दलीलों को खारिज करते हुए कहा:“रेलवे प्रशासन यात्री से किराया वसूलने के बाद उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण यात्रा उपलब्ध कराने का दायित्व रखता है। 3AC जैसी प्रीमियम क्लास में चूहों की मौजूदगी और सामान की क्षति सेवा में स्पष्ट कमी को दर्शाती है।
”मुआवजे का बंटवाराआयोग ने रेलवे को निम्नलिखित भुगतान करने के आदेश दिए:मानसिक एवं शारीरिक क्षति — ₹5,000वाद व्यय (कोर्ट खर्च) — ₹5,000क्षतिग्रस्त सामान का मुआवजा — ₹5,000कुल मुआवजा: ₹15,000प्रभावी पैरवीयात्री विपिन दुबे की ओर से शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता मौसुफ बिट्टू और अधिवक्ता प्रमोद तिवारी ने सशक्त पैरवी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम श्रेणी की टिकट लेने के बावजूद यात्री को इस तरह की असुविधा सहनी पड़ी।
यह फैसला न सिर्फ स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है, बल्कि रेलवे में स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाला भी साबित होगा।
