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कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का सख्त निर्देश: 21 जून तक सभी लोक सेवाएं समय-सीमा में दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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यह अभियान जिले में लोक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिकों के शिकायतों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह अभियान जिले में लोक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिकों के शिकायतों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कटनी, 7 जून 2026 — जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी विभाग प्रमुखों, पदाभिहित अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।जिले में 21 जून तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश लोक सेवाओं की प्रदान की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर के प्रमुख निर्देश:पदाभिहित अधिकारी आवेदनों का निराकरण समय-सीमा से पहले पूरा करें।

यदि कोई आवेदन निरस्त करना हो तो आदेश में स्पष्ट कारण का उल्लेख अनिवार्य है।प्रथम अपीलीय अधिकारी को स्वप्रेरणा से अधीनस्थ अधिकारियों के लंबित या अस्वीकृत आवेदनों के अभिलेख बुलाकर उचित आदेश पारित करने का अधिकार दिया गया है।जानबूझकर देरी या सेवा देने से इनकार करने वाले पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध प्रकरण द्वितीय अपीलीय अधिकारी को भेजा जा सकेगा और शास्ति लगाई जाएगी।एक दिवस समाधान के प्राधिकृत अधिकारी लोक सेवा केंद्र में नियमित रूप से उपस्थित रहकर आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे, अन्यथा उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

रिकॉर्ड रूम एवं तहसील स्तरीय रिकॉर्ड रूम से नकल संबंधी आवेदनों का निराकरण समय-सीमा से एक दिन पहले लोक सेवा केंद्र को भेजना अनिवार्य।कार्यालय प्रमुख नियुक्त वाहकों (मैसेंजर) की समीक्षा करेंगे ताकि आवेदन एवं दस्तावेज समय पर लोक सेवा केंद्र तक पहुंचे।कलेक्टर श्री तिवारी ने साफ कहा कि यदि आवेदक द्वारा मांगी गई सेवा या अपील जानबूझकर निर्धारित समय में नहीं दी जाती या बिना कारण निरस्त कर दी जाती है, तो द्वितीय अपीलीय अधिकारी अधिनियम के तहत संबंधित पदाभिहित एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी पर आर्थिक दंड लगा सकेंगे।

यह अभियान जिले में लोक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिकों के शिकायतों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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