*कटनी: डीएमएफ से हो रहे स्कूल मरम्मत कार्य, CEO हरसिमरनप्रीत कौर की सख्ती – “बरसात से पहले काम पूरा करो, क्वालिटी से समझौता नहीं”*
*बैठक में मौजूद रहे* ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, संबंधित जनपद पंचायतों के सहायक यंत्री, कार्यक्षेत्र के उपयंत्री और ग्राम पंचायतों के सचिव बैठक में मौजूद रहे।
*बैठक में मौजूद रहे* ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, संबंधित जनपद पंचायतों के सहायक यंत्री, कार्यक्षेत्र के उपयंत्री और ग्राम पंचायतों के सचिव बैठक में मौजूद रहे।

*कटनी, 15 जून 2026*: जिले के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने वाले डीएमएफ मरम्मत कार्यों को लेकर जिला पंचायत CEO सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं के मेजर मरम्मत कार्य बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे हों। गुणवत्ता और समय-सीमा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।*बैठक लेकर दिए कड़े निर्देश* CEO कौर ने डीएमएफ से स्वीकृत स्कूल मरम्मत कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने उपयंत्री, ग्राम पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों को तीन बिंदुओं पर फोकस करने को कहा – गुणवत्ता, समय-सीमा और दस्तावेजीकरण।*मुख्य निर्देश जो दिए गए:*1. *समन्वय जरूरी*: उपयंत्री और ग्राम पंचायत सचिव मिलकर काम की गति बढ़ाएं, ताकि कार्य तय समय में पूरे हों।
2. *तुरंत रिपोर्ट करें*: कार्यस्थल पर कोई दिक्कत या रुकावट आए तो उसे तुरंत ऊपर साझा करें, इंतजार न करें। 3. *क्वालिटी नॉन-कॉम्प्रोमाइज*: निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। घटिया काम मिला तो सख्त कार्रवाई होगी।*”बच्चों को बेहतर माहौल देना लक्ष्य”* CEO सुश्री कौर ने कहा – “मानसून सिर पर है। बरसात से पहले सभी स्वीकृत मरम्मत कार्य पूरे हो जाने चाहिए। गुणवत्ता, समय-सीमा और दस्तावेजीकरण – तीनों पर बराबर ध्यान दें। हमारा मकसद बच्चों को सुरक्षित और बेहतर पढ़ाई का माहौल देना है।”जिला पंचायत प्रशासन का मानना है कि स्कूल भवनों की मरम्मत से छात्रों को टपकती छत, टूटी दीवारों से छुटकारा मिलेगा और पढ़ाई का माहौल सुधरेगा।
*बैठक में मौजूद रहे* ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, संबंधित जनपद पंचायतों के सहायक यंत्री, कार्यक्षेत्र के उपयंत्री और ग्राम पंचायतों के सचिव बैठक में मौजूद रहे।
