कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र की मांग पर हाईकोर्ट सख्त केंद्र सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।

जबलपुर/कटनी, 25 जून 2026 — कटनी जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र (पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र) स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्ती दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह के अंदर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।याचिका पर सुनवाई जनहित याचिका (WP 24323/2025) पर सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में विलंब स्वीकार्य नहीं है। याचिका कटनी के समाजसेवी दिव्यांशु (अंशु) मिश्रा ने अधिवक्ता योगेश सोनी और अधिवक्ता आर्यन उरमलिया के माध्यम से दायर की है।क्यों जरूरी है पासपोर्ट केंद्र?याचिका में बताया गया है कि कटनी एक प्रमुख औद्योगिक, खनिज उत्पादक और व्यापारिक जिला है। साथ ही यह महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन भी है।
इसके बावजूद यहां अभी तक कोई पासपोर्ट सेवा केंद्र नहीं है। जिले के हजारों नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने या संबंधित कार्यों के लिए जबलपुर, सतना या अन्य जिलों का चक्कर लगाना पड़ता है।विशेष रूप से प्रभावित वर्गछात्र-छात्राएंविदेश में रोजगार चाहने वाले युवावरिष्ठ नागरिकमहिलाएंआर्थिक रूप से कमजोर लोगयाचिका में कहा गया कि यह स्थिति संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है।सांसद ने भी की थी मांग याचिका में उल्लेख किया गया कि क्षेत्रीय सांसद ने भी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।याचिकाकर्ता का बयानदिव्यांशु मिश्रा (अंशु) ने कहा, “कटनी जैसे तेजी से विकसित हो रहे घनी आबादी वाले जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित होना समय की मांग है। इससे लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”
अब इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
