स्कूल की जर्जर दीवार गिरने से 10 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत
जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।

विधायक संजय पाठक ने जताया गहरा दुख, परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान कीकटनी (मध्य प्रदेश), 19 फरवरी 2026मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सरकारी स्कूल की उपेक्षित इमारत ने एक मासूम की जान ले ली। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कैमोर थाना अंतर्गत ग्राम बम्हनगवां स्थित शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला के पुराने परिसर में जर्जर बाउंड्री वॉल (दीवार) अचानक ढह गई, जिसकी चपेट में आकर कक्षा 5वीं के 10 वर्षीय छात्र राजकुमार बर्मन (पिता स्व. महेंद्र बर्मन, निवासी रपटा मोहल्ला) की मौके पर ही मौत हो गई।
यह दुखद हादसा बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।हादसे का विवरणछात्र राजकुमार रोज की तरह स्कूल पहुंचे थे। दोपहर के समय वह शौचालय का उपयोग करने गए, तभी स्कूल परिसर की पुरानी और जर्जर बाउंड्री वॉल भरभराकर गिर पड़ी। मलबे में दबने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल की जर्जर स्थिति की पहले से शिकायतें की जा चुकी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ परिजनों ने एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने और बच्चे को 500 रुपये के ऑटो से अस्पताल ले जाने की भी बात कही है।विधायक संजय पाठक की प्रतिक्रियाहादसे की सूचना मिलते ही विधायक संजय सत्येंद्र पाठक (विजयराघवगढ़) ने भोपाल में विधानसभा सत्र के दौरान अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर दुर्घटना के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने घटना को “हृदय विदारक” बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया।
विधायक ने कहा, “यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। बर्मन परिवार पर आए इस आघात को देखकर दिल टूट गया है।”उन्होंने तत्काल परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की और शासकीय नियमों के अनुसार अतिरिक्त मदद सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:स्कूल के जर्जर भवनों और परिसरों की तत्काल सघन जांच कराई जाए।ऐसी कमजोर संरचनाओं की मरम्मत/पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाए।भविष्य में ऐसी किसी भी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस और शिक्षा विभाग ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में लापरवाही और जर्जर ढांचे को मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोग और अभिभावक स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सभी सरकारी स्कूलों की संरचनाओं का तुरंत ऑडिट हो।
यह घटना सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है। विधायक संजय पाठक की त्वरित संवेदनशीलता और सहायता से परिवार को कुछ राहत मिली है, लेकिन पूरे क्षेत्र में स्कूल सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
