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भोपाल: गुमशुदगी का मास्टरप्लान, अर्चना तिवारी निकली मास्टरमाइंड

भोपाल: गुमशुदगी का मास्टरप्लान, अर्चना तिवारी निकली मास्टरमाइंड

कटनी की लापता युवती ने रची थी अपनी ही गुमशुदगी की साजिश, पुलिस और परिवार हैरान

भोपाल। कटनी की रहने वाली अर्चना तिवारी की गुमशुदगी ने पुलिस और परिवार को कई दिनों तक परेशान रखा। रहस्यमयी मानी जा रही इस गुमशुदगी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद अर्चना तिवारी थी।परिवार की पसंद के खिलाफ थी अर्चनाछात्र राजनीति में सक्रिय अर्चना तिवारी अपने परिवार की पसंद से शादी करने के लिए तैयार नहीं थी। कई रिश्तों को उसने ठुकरा दिया, जिसके चलते घर में तनाव और झगड़े आम हो गए। इस पारिवारिक दबाव से बचने के लिए अर्चना ने अपनी गुमशुदगी का एक सुनियोजित प्लान रच डाला।हरदा में रचा गया ‘ऑपरेशन गुमशुदगी’जांच में पता चला कि अर्चना ने अपने करीबी दोस्तों के साथ मिलकर हरदा में इस साजिश को अंजाम दिया। इसकी शुरुआत तब हुई, जब ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात सारांश नाम के एक व्यक्ति से हुई। यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। अर्चना ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ऐसा जाल बुना कि परिवार और पुलिस दोनों को चकमा दे दिया।ट्रेन में कपड़े बदले, सामान छोड़ाइस साजिश को और पुख्ता करने के लिए अर्चना ने ट्रेन में अपने कपड़े बदले और सामान जानबूझकर छोड़ दिया, ताकि यह प्रतीत हो कि वह ट्रेन से गिर गई या कोई हादसा हुआ। इस काम में एक कैब ड्राइवर तेजिंदर की भी अहम भूमिका रही, जिसने अर्चना की मदद की।पुलिस की जांच में खुला राजपुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो अर्चना की इस साजिश का पर्दाफाश हुआ। यह खुलासा पुलिस और परिवार दोनों के लिए हैरान करने वाला था। अर्चना की इस चालाकी ने न केवल उसके परिवार को झकझोरा, बल्कि पुलिस को भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि गुमशुदगी के पीछे की कहानी इतनी जटिल हो सकती है।यह घटना न केवल एक गुमशुदगी का मामला है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत आजादी के बीच का टकराव कभी-कभी अप्रत्याशित कदम उठाने को मजबूर कर सकता है।

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