google1b86b3abb3c98565.html

ब्रेकिंग न्यूज़: कटनी के बरही में मारपीट मामले में पुलिस की लापरवाही

ब्रेकिंग न्यूज़: कटनी के बरही में मारपीट मामले में पुलिस की लापरवाही, पीड़ित की मौत के बाद थाने का ग्रामीणों ने किया घेराव

पीड़ित की मौत के बाद थाने का ग्रामीणों ने किया घेराव

कटनी: बरही थाना क्षेत्र के कुठिया-मोहगवा गांव में मारपीट के एक गंभीर मामले ने पुलिस की लापरवाह कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। इस मामले में पीड़ित उमादत्त उपाध्याय (42) की इलाज के दौरान बुधवार सुबह जबलपुर में मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ बरही थाने का घेराव कर लिया। ग्रामीणों ने मारपीट के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके घरों को सरकारी जमीन से हटाने की मांग की।घटनाक्रमपुलिस के अनुसार, कुठिया-मोहगवा निवासी उमादत्त उपाध्याय का पड़ोसियों राजकुमार काछी, संतोष काछी और पुष्पा काछी के साथ कटहल की डाल काटने को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में आरोपियों ने उमादत्त को बेरहमी से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने बरही थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें थाने से भगा दिया। दो दिन बाद दबाव बढ़ने पर पुलिस ने केवल गैर-संज्ञेय (एनसीआर) शिकायत दर्ज कर औपचारिकता पूरी की।वीडियो वायरल होने पर दर्ज हुआ मामलापरिजनों का आरोप है कि मारपीट की घटना पड़ोस के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। यह वीडियो पुलिस अधीक्षक को भेजा गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आठ दिन बाद मारपीट का मामला दर्ज किया। इस बीच, उमादत्त का कटनी और फिर जबलपुर में इलाज चल रहा था। पेट की नसों में गंभीर चोट के कारण उनकी स्थिति नाजुक बनी रही और बुधवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।ग्रामीणों का आक्रोश, थाने का घेरावउमादत्त की मौत की खबर मिलते ही बुधवार सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर बरही थाने पहुंचे। उन्होंने हत्या का मामला दर्ज करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल उठाए और आरोपियों के घरों को सरकारी जमीन से हटाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।पुलिस की कार्रवाईबरही पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण थाने पर डटे हुए थे और पुलिस से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे थे।सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणालीइस घटना ने बरही पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई की गई होती, तो शायद उमादत्त की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने अब मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

You may have missed