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आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा की शक्ति उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि कल से, मंदिरों में तैयारी शुरू

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कटनीवासी और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।

कटनीवासी और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।

कटनी।आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा की शक्ति उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि कल, 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। यह पर्व न केवल मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का अवसर है, बल्कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083), गुड़ी पड़वा, चेटीचंद (झूलेलाल जयंती) और उगादी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाएंगे। पूरे देश में, खासकर मध्य प्रदेश के कटनी जिले में, भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।शहर और जिले में जोरदार तैयारियांकटनी सहित पूरे जिले में मंदिरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य आज दिन भर चलता रहा।

घरों में भी नवरात्रि की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। नौ दिनों तक शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालु माता की भक्ति में डूबे नजर आएंगे।शहर की आस्था का प्रमुख केंद्र जालपा मढ़िया (श्री जालपा देवी मंदिर) में विशेष तैयारियां की गई हैं। जालपा देवी मंदिर के प्रधान पंडा एवं पुजारी लालजी ने बताया कि पहले दिन जवारे बोए जाएंगे। नौ दिनों तक मां जालपा के विभिन्न श्रृंगार के साथ चौंसठ योगिनी माता की विशेष पूजा-अर्चना होगी।

सुबह से ही जल चढ़ाने वालों की लंबी कतारें लगेंगी।प्रमुख मंदिरों में उमड़ेगी आस्था की भीड़जालपा मढ़िया के अलावा मां महाकाली मंदिर (जालपा वार्ड), श्री आदिशक्ति दुर्गा मंदिर (गाटरघाट), मरही माता मंदिर (बावली टोला), शीतला माता मंदिर (हीरागंज), काली मंदिर (घंटाघर), दुर्गा मंदिर (शहीद द्वार), आदिशक्ति मंदिर (कुठला), भूमि प्रकट शारदा मंदिर (बरगवां), काली मंदिर (विश्राम बाबा), दक्खिन माता मंदिर (खिरहनी), चंडिका माता मंदिर (चंडिका नगर), खेर माता मंदिर (खिरहनी), जगदम्बा मंदिर (अशोक कॉलोनी), दुर्गा मंदिर (एसीसी) आदि में नौ दिनों तक पूजन-अनुष्ठान होंगे।

उपनगरीय क्षेत्रों में विजयराघवगढ़ का प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर, बहोरीबंद का तिगवां मंदिर, ढीमरखेड़ा तहसील के पाली गांव में 24 भजी विरासिन माता का मंदिर सहित अन्य देवी स्थलों पर भी भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।जालपा देवी मंदिर की अपार महिमाकटनी को “बारडोली की धरा” भी कहा जाता है। यहां विराजी मां जालपा की 250 साल पुरानी महिमा है—मान्यता है कि जिनके दर्शन होते हैं, उनकी हर बला टल जाती है। साल भर 365 दिन भक्तों की कतार लगी रहती है, लेकिन नवरात्रि और रामनवमी में तो दरबार की चमक अलग ही होती है।

गुड़ी पड़वा और चेटीचंद के आयोजन19 मार्च को गुड़ी पड़वा (नव संवत्सर) और चेटीचंद (झूलेलाल जयंती) भी बड़े उत्साह से मनाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और सामूहिक पूजन के आयोजन होंगे।

कटनीवासी और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं। जय मां जालपा! जय आदिशक्ति दुर्गा!नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं—मां सबके कष्ट हरें और सुख-समृद्धि प्रदान करें। 🌺🙏

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