कटनी में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की सख्ती: जन सरोकारों के प्रति संवेदनशील बनें अधिकारी, गैस जमाखोरी-कालाबाजारी पर कार्रवाई और पेयजल संकटग्रस्त गांवों में टैंकर से पानी पहुंचाने के निर्देश
जिले में गैस और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कोई समझौता नहीं होगा।
जिले में गैस और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कोई समझौता नहीं होगा।

कटनी, 16 मार्च 2026 — जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जन सरोकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और जवाबदेह बनें। विशेष रूप से रसोई गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही गर्मियों के आने से पहले पेयजल संकटग्रस्त गांवों में परिवहन (टैंकर) के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था तुरंत की जाए। ये निर्देश सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने दो टूक लहजे में कहा कि सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रतिदिन गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ता शिकायतों की समीक्षा करें। गोदामों, एजेंसियों और उपलब्ध स्टॉक का औचक निरीक्षण करें। यदि कहीं एलपीजी गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता मिले तो तुरंत सख्त कार्रवाई करें।कलेक्टर ने गैस एजेंसियों से घरेलू एवं वाणिज्यिक सिलेंडरों का औसत स्टॉक, बुकिंग, पिछले 3 दिनों में होम डिलीवरी की संख्या और ई-केवाईसी की स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
उपभोक्ताओं से फीडबैक लेकर मूल्य वृद्धि या होम डिलीवरी न होने की शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य माध्यमों से आने वाली गैस संबंधी शिकायतों पर हितग्राही से संवाद कर समाधान करें।पेयजल संकट पर फोकसकलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के प्रति अधिकारियों को संवेदनशील बनने का निर्देश दिया। बिगड़े हैंडपंप की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कराएं।
गर्मियों के मद्देनजर जिन गांवों में पानी की कमी की आशंका हो, वहां टैंकर से पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।अन्य महत्वपूर्ण निर्देश और समीक्षावित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले सभी विभाग बकाया बिजली बिल और नगर निगम में सेवा प्रभार जमा करें। 18-20 मार्च तक देयकों को कोषालय भेजें ताकि बजट लैप्स न हो।सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। उद्यानिकी, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व आदि विभागों में लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।
विजयराघवगढ़ तहसील में 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को तुरंत बंद कराएं। स्वास्थ्य विभाग में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और जननी सुरक्षा योजना से जुड़ी शिकायतों पर विशेष ध्यान।जनगणना तैयारियां पूरी गंभीरता से करें। तहसीलदार प्रगणक बनाएं, ऑनलाइन नक्शा काटें। पंचायत सचिव, पटवारी और ग्राम रोजगार सहायक डोर-टू-डोर हाउस लिस्टिंग करें। साथ ही समग्र ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्री, फौती/जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र आदि कार्य पूरे करें।
संकल्प से समाधान अभियान के तहत विकासखंड स्तर के शिविरों में शामिल हों। जनप्रतिनिधियों को बुलाएं। राजस्व, स्वास्थ्य और नगर परिषद को आवेदन संख्या बढ़ाने और पेयजल शिकायतें पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश।स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ति करें। पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना में प्रगति लाएं।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा सहित सभी एसडीएम, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, उपसंचालक कृषि अरूणिमा सेन अयंगर, एलडीएम मेजरस किंडो और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर श्री तिवारी ने बैठक में उपस्थित रहने और निर्देशों के सख्त अनुपालन पर जोर देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिले में गैस और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कोई समझौता नहीं होगा।
