कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग: PPP मॉडल पर भारी विरोध, 20 जनवरी को शहर बंद का ऐलान
बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। आगामी दिनों में यह आंदोलन राज्य स्तर पर फैल सकता है।
बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। आगामी दिनों में यह आंदोलन राज्य स्तर पर फैल सकता है।

कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग: PPP मॉडल पर भारी विरोध, 20 जनवरी को शहर बंद का ऐलानकटनी, 18 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर जनता का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है।
राज्य सरकार द्वारा कॉलेज को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने के फैसले के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे सरकारी वादाखिलाफी बताते हुए तत्काल फैसला वापस लेने की मांग की है।
यह विरोध मध्य प्रदेश सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसमें धार, बैतूल, कटनी और पन्ना जिलों में PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।काले झंडों के साथ निकली विशाल रैली, नारेबाजी से गूंजा शहरशनिवार को कटनी स्टेशन के दिलबहार चौक से शुरू हुई रैली में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक संगठन और स्थानीय निवासी शामिल हुए।
काले झंडे लहराते हुए प्रदर्शनकारी स्टेशन चौराहा, सुभाष चौक, कचहरी चौराहा होते हुए अस्पताल चौराहे तक पहुंचे। पूरे मार्ग पर ‘मेडिकल कॉलेज हमारा हक है’ और ‘PPP मॉडल वापस लो’ जैसे नारे गूंजते रहे। रैली में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल थे, जो इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए।PPP मॉडल क्यों हो रहा है
विवादास्पद?प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि सरकार ने चुनावी वादों में कटनी में पूर्णत: सरकारी मेडिकल कॉलेज का आश्वासन दिया था, लेकिन अब इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। उनका कहना है कि PPP मॉडल से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएंगी, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लिए पहुंच से बाहर हो सकती हैं।
एक्टिविस्ट्स इसे ‘प्राइवेटाइजेशन इन डिस्गाइज’ बता रहे हैं, जहां सरकारी जमीन पर निजी कंपनियां लाभ कमाएंगी।efeacf केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में देश के पहले PPP मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया, जो मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में स्थापित किए जा रहे हैं।
हालांकि, इस योजना पर बैकलैश बढ़ता जा रहा है, जैसा कि कर्नाटक में हाल के विरोध प्रदर्शनों में देखा गया, जहां PPP प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।20 जनवरी को ‘कटनी बंद’: आंदोलन होगा और तेजआंदोलन के दौरान सपा और सामाजिक संगठनों ने 20 जनवरी को ‘कटनी बंद’ का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने PPP फैसला नहीं बदला, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। वे ‘मिशन मोड’ में सड़कों पर उतरने और अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कर रहे हैं।
उनका दावा है कि कटनी की जमीन पर केवल सरकारी मेडिकल कॉलेज ही स्थापित होगा। इस मुद्दे पर स्थानीय विधायकों और प्रशासन से भी चर्चा की मांग की गई है।पृष्ठभूमि और व्यापक प्रभावयह विरोध मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के निजीकरण की बड़ी बहस का हिस्सा है।
सरकार का तर्क है कि PPP मॉडल से बुनियादी ढांचे का तेज विकास होगा, लेकिन विपक्षी दल और नागरिक संगठन इसे गरीबों के खिलाफ बताते हैं।इसी तरह के विरोध आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी देखे गए हैं, जहां जिला अस्पतालों को निजी क्षेत्र को सौंपने पर विवाद हुआ।
कटनी के निवासियों का कहना है कि सरकारी कॉलेज से स्थानीय युवाओं को सस्ती मेडिकल शिक्षा मिलेगी, जो क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है।सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक,
बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। आगामी दिनों में यह आंदोलन राज्य स्तर पर फैल सकता है।
