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Katni news बारिश में ढहा विश्वकर्मा पार्क इलाके का जर्जर मकान, बड़ा हादसा टला

कटनी। विश्वकर्मा पार्क इलाके में जर्जर इलाके का मकान भरभराकर गिर गया। बड़ा हादसा टल गया। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है

शहर के अधिकांश इलाकों में खंडहर और जर्जर मकान हैं। इन्हें यदि समय रहते नहीं गिराया गया इनमें हादसे हो सकते हैं


– विश्वकर्मा पार्क इलाके की घटना

कटनी। विश्वकर्मा पार्क इलाके में जर्जर इलाके का मकान भरभराकर गिर गया। बड़ा हादसा टल गया। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। इस खस्ताहाल इमारत में आज भी कई दुकानें संचालित हो रही थीं। इसमें गुजराती नमकीन की दुकान सहित अन्य दुकान शामिल हैं। यह रास्ता व्यस्त रास्ता है। इससे लोगों की जान पर खतरा बना हुआ है।
शहर के अधिकांश इलाकों में खंडहर और जर्जर मकान हैं। इन्हें यदि समय रहते नहीं गिराया गया इनमें हादसे हो सकते हैं। नगर निगम हर साल उन्हें चिह्नित कर नोटिस देने की कार्रवाई करता है लेकिन इन्हें तोड़ा नहीं जाता है।
शायद नगरनिगम इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो। नगर निगम की हीलाहवाली के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नगर निगम के 48 वार्डों में जर्जर मकानों की संख्या करीब 60 से ज्यादा है। इसमें करीब 10 मकान ही तोड़े जा सके हैं।  नगर निगम की कार्रवाई जर्जर मकानों को खतरनाक घोषित कर नोटिस चस्पा करने तक ही सीमित रहती है।  मकान मालिकों को नोटिस जारी करने तक ही कार्रवाई सिमट कर रह जाती है। इसके बाद मकानों की क्या स्थिति रहती है इसकी जानकारी तक नहीं ली जाती।
जर्जर की सूची में और नहीं तोड़ा
जर्जर मकान की सूची में शामिल मकान नहीं तोड़ा गया और घटना हो गई। नगरनिगम भवन मालिकों पर ही ऐसे जर्जर मकानों को हटाने की जिम्मेदारी छोड़ देता है। इस स्थिति में हादसे होते हैं। इनके लिए कौन जिम्मेदार होगा


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