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Katni news : कटनी में गणेश विसर्जन: आस्था, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

कटनी, 07 सितंबर 2025 – जिले में गणेश विसर्जन का पर्व भक्ति, श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के साथ संपन्न हो रहा है। श्रद्धालु धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का कृत्रिम जलकुंडों में विसर्जन कर रहे हैं। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों ने इस आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाया है।

कटनी, 07 सितंबर 2025 – जिले में गणेश विसर्जन का पर्व भक्ति, श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के साथ संपन्न हो रहा है। श्रद्धालु धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का कृत्रिम जलकुंडों में विसर्जन कर रहे हैं। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों ने इस आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाया है।

प्रशासन की पुख्ता तैयारियां

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दिलीप कुमार यादव के निर्देशों के तहत सभी विसर्जन घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, नगर निगम अधिकारी, पुलिस बल, होमगार्ड जवान, प्रशिक्षित तैराक, लाइफ जैकेट और मोटरबोट की तैनाती सुनिश्चित की गई है। नगर निगम आयुक्त नीलेश दुबे के मार्गदर्शन में घाटों पर स्वच्छता, शुद्ध जल और उचित प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रक्रिया सुगम और गरिमामय रही।

वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहेरिया और एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी शामिल हैं, निरंतर घाटों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। गणेश प्रतिमा कमेटियों और श्रद्धालुओं का सहयोग भी सराहनीय रहा है, जिन्होंने कृत्रिम कुंडों में विसर्जन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

इस वर्ष गणेश विसर्जन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। श्रद्धालु प्राकृतिक जलस्रोतों के बजाय कृत्रिम जलकुंडों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण को रोकने में मदद मिल रही है। प्रशासन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की बजाय मिट्टी की प्रतिमाओं को प्रोत्साहित किया है, जिसे श्रद्धालुओं ने अपनाया। यह पहल न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक सकारात्मक उदाहरण भी स्थापित कर रही है।

पुलिस अधीक्षक का निरीक्षण

विसर्जन से पहले पुलिस अधीक्षक ने पीरबाबा कुंड, मोहन घाट, माई घाट, बाबा घाट, गाटर घाट और सुर्खी टैंक जैसे प्रमुख विसर्जन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने क्रेन, नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, एसडीआरएफ, होमगार्ड, चिकित्सा दल और एम्बुलेंस की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी ने विशेष रूप से एसडीआरएफ टीम को हर स्थिति के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए।

सुरक्षा और सुविधा के विशेष इंतजाम

  • क्रेन और जेसीबी: बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए।
  • प्रकाश और बिजली बैकअप: रात्रिकालीन विसर्जन के लिए निर्बाध रोशनी।
  • मजबूत बैरिकेडिंग: जलाशयों के आसपास सुरक्षा के लिए।
  • प्रशिक्षित गोताखोर और होमगार्ड: हर घाट पर नावों के साथ तैनात।
  • चिकित्सा दल और एम्बुलेंस: आपात स्थिति में त्वरित उपचार के लिए।

श्रद्धालुओं में उत्साह और संतुष्टि

स्थानीय श्रद्धालु रमेश पांडे ने कहा, “प्रशासन की व्यवस्थाओं ने हमें सुरक्षित और सहज अनुभव कराया। हम भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक विदाई दे रहे हैं।” आयोजन की शांति और सुव्यवस्था ने जिले में संतुष्टि और उत्साह का माहौल बनाया है।

अनंत चतुर्दशी की तैयारी

आगामी अनंत चतुर्दशी पर भी प्रशासन ने गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सभी प्रमुख घाटों पर विशेष निगरानी और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

कटनी में गणेश विसर्जन का पर्व आस्था, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सजगता का अनूठा उदाहरण बन गया है। श्रद्धालुओं की भक्ति, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रशासन की तत्परता ने इस आयोजन को यादगार और प्रेरणादायक बनाया। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह की सतर्कता और सहयोग से धार्मिक आयोजनों को सफल बनाया जाएगा।

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