कटनी: अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का साहसिक प्रदर्शन, जब्त पेटियां लेकर पहुंचीं एसपी कार्यालय
यह घटना कटनी जिले में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है। महिलाओं का यह साहसिक कदम अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है
यह घटना कटनी जिले में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है। महिलाओं का यह साहसिक कदम अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है

कटनी। स्लीमानाबाद थाना क्षेत्र के देवरी मडाई गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।
पुलिस की कथित निष्क्रियता से क्षुब्ध महिलाओं ने खुद आगे बढ़कर शराब माफिया के ठिकाने पर छापा मारा, बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां और बोतलें जब्त कीं तथा इन्हें लेकर सीधे जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंच गईं।
इस घटना ने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया है और जिले में अवैध शराब के खिलाफ नई बहस छेड़ दी है।
महिलाओं ने खुद संभाली कमान, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
मंगलवार को गांव की महिलाओं ने साहस का परिचय देते हुए अवैध शराब बेचने वाले संदीप पटेल के ठिकाने पर दबिश दी। यहां से उन्होंने बड़ी संख्या में शराब की पेटियां और बोतलें बरामद कीं।
महिलाओं का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने न तो शराब जब्त की और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की।
इससे निराश महिलाएं जब्त शराब लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरना शुरू कर दिया।पुलिस और जनप्रतिनिधियों पर संरक्षण के आरोपधरने के दौरान महिलाओं ने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर शराब माफिया को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना है:
स्लीमानाबाद थाने के कुछ पुलिसकर्मी शराब माफिया से नियमित वसूली करते हैं, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही।गांव में राजेश पटेल, बाबू पटेल, संदीप पटेल और दीपक पटेल लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चला रहे हैं।
इस नशे के कारण गांव के युवा और नाबालिग बच्चे लत का शिकार होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडे से भी की थी, लेकिन केवल आश्वासन मिला, ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन का संज्ञान, जांच के आदेशमामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी आकांक्षा द्विवेदी ने तत्काल संज्ञान लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायत पर गांव में पुलिस टीम भेजकर फौरन कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, यदि डायल 112 टीम ने लापरवाही बरती है तो इसकी निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बड़ा आंदोलन की चेतावनी
महिलाओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गांव में अवैध शराब की बिक्री शीघ्र नहीं रोकी गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी। उनका कहना है कि नशे के इस कारोबार ने उनके परिवारों और गांव की शांति को तबाह कर दिया है।
यह घटना कटनी जिले में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है। महिलाओं का यह साहसिक कदम अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
