कटनी में बड़ा सट्टा रैकेट भंडाफोड़: कर्मचारी के नाम फर्जी बैंक खाते खुलवाकर 3.29 करोड़ का अवैध लेन-देन, कपड़ा दुकानदार समेत 3 गिरफ्तार
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लेन-देन की सूचना देने की अपील की है।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लेन-देन की सूचना देने की अपील की है।

कटनी (मध्य प्रदेश), 21 फरवरी 2026 — कटनी पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक कपड़ा व्यापारी ने अपने कर्मचारी के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये के अवैध सट्टे का कारोबार चलाया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश बजाज (दुकान मालिक) समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में कुल 3.29 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मामला माधवनगर थाने में दर्ज है, जहां ग्राम जुहली निवासी अमित दाहिया (29) ने शिकायत की। अमित नई बस्ती स्थित ‘बॉम्बे ब्यूटीफुल साड़ी सेंटर’ में कर्मचारी है।शिकायत के अनुसार, दुकान मालिक योगेश बजाज ने व्यापारिक लेन-देन का बहाना बनाकर अमित के नाम पर बंधन बैंक, HDFC बैंक (दो खाते) और IDBI बैंक में कुल चार खाते खुलवाए।
इन खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बजाज ने अपने पास रख लिए। अमित की आईडी पर ली गई सिम से इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन लेन-देन के लिए किया जाता था।जांच में खुलासा:बंधन बैंक खाते से ≈ 1.09 करोड़ रुपयेHDFC के दो खातों से ≈ 1.04 करोड़ रुपयेIDBI बैंक खाते से ≈ 59 लाख रुपयेकुल अवैध लेन-देन: 3 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपयेआरोपी छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी मनीष और रोहित से 20% कमीशन पर क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी लेकर कटनी में सट्टा चलाते थे।
जब रकम बड़ी हो जाती, तो हवाला के जरिए पैसे ठिकाने लगाए जाते। व्हाट्सएप पर नोट नंबरों का मिलान कर हवाला ट्रांजेक्शन होते थे। इस काम में संत नगर निवासी तरुण मोटवानी भी शामिल था, जो कमीशन लेकर अलग-अलग खातों से रकम ट्रांसफर करवाता था।
गिरफ्तारियां और बरामदगी:गिरफ्तार: योगेश बजाज, तरुण मोटवानी, अवधेश गुप्ताबरामद: 5 लाख 52 हजार रुपये नकद, 3 चेकबुक, 3 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, मोबाइल फोनमोबाइल में सट्टे के हिसाब-किताब वाले कई संदिग्ध चैट ग्रुप्स मिलेकानूनी कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 4(क) के तहत केस दर्ज किया गया है।
फरार आरोपी: मनीष, रोहित और चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े कई सफेदपोश लोग भी सामने आ सकते हैं।यह मामला ऑनलाइन सट्टे और बैंक फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां आम लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध लेन-देन की सूचना देने की अपील की है।
