कटनी रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला: सेना के जवान से मांगी गई रिश्वत, जिला रजिस्ट्रार को दी शिकायत
आम नागरिकों से अपील है कि ऐसे मामलों में चुप न रहें, शिकायत दर्ज कराएं और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करें
आम नागरिकों से अपील है कि ऐसे मामलों में चुप न रहें, शिकायत दर्ज कराएं और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करें

कटनी (मध्य प्रदेश) – मध्य प्रदेश के कटनी जिले के रजिस्ट्री कार्यालय में एक बार फिर भ्रष्टाचार की खौफनाक सच्चाई सामने आई है।
भारतीय सेना के एक जवान (फौजी) ने अपनी पत्नी के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, लेकिन यहां उन्हें निर्धारित शुल्क के अलावा अवैध वसूली का सामना करना पड़ा। पीड़ित जवान ने हिम्मत दिखाते हुए जिला रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत सौंपी है और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की पूरी कहानीपीड़ित फौजी ने आरोप लगाया है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान दो चरणों में उनसे कुल ₹4,500 की अवैध रकम वसूली गई:प्रक्रिया शुरू होते ही ₹2,500 अतिरिक्त लिए गए।काम आगे बढ़ाने के बहाने कार्यालय के अंदर ₹2,000 और मांगे गए और वसूल लिए गए।
यह पूरी रकम बिना किसी रसीद के ली गई, जो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है। फौजी ने बताया कि उन्होंने सीमा पर देश की रक्षा करते हुए जान की बाजी लगाई है, लेकिन अपने ही शहर के सरकारी दफ्तर में उन्हें इस तरह की लूट का शिकार बनना पड़ा।
पीड़ित जवान का दर्द भरा बयानमीडिया से बातचीत में फौजी ने कहा,”हम सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हैं, लेकिन यहां अपने ही सरकारी कर्मचारी हमें लूट रहे हैं। यह सिर्फ पैसे की बात नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का सवाल है। आम जनता मजबूरी में चुप रहती है, लेकिन मैं चुप नहीं बैठूंगा।
मैंने जिला रजिस्ट्रार को पूरी शिकायत लिखित रूप में सौंप दी है। उम्मीद है कि जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।”प्रशासन पर अब बड़ी जिम्मेदारीइस घटना ने कटनी रजिस्ट्री कार्यालय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज होने के बाद अब जांच की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यदि जांच निष्पक्ष हुई तो दोषी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला राज्य में सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है, खासकर तब जब पीड़ित एक जवान हो जो देशसेवा में लगा रहता है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह इस शिकायत को गंभीरता से ले और आम जनता का भरोसा बहाल करे।
यदि मामला दबाया गया तो यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक और झटका होगा।हर हर महादेव की तरह, अब सिस्टम से भ्रष्टाचार मुक्ति की गुहार!आम नागरिकों से अपील है कि ऐसे मामलों में चुप न रहें, शिकायत दर्ज कराएं और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करें
