google1b86b3abb3c98565.html

कटनी में सरकारी नजूल भूमि घोटाले का बड़ा खुलासा: 10 करोड़ की जमीन मात्र 3.56 करोड़ में बेची गई, मिलीभगत के आरोप

0

जांच के नतीजे से यह साफ होगा कि प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीर चूक हुई है।

जांच के नतीजे से यह साफ होगा कि प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीर चूक हुई है।

कटनी, 20 मार्च 2026 – मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक गंभीर भूमि घोटाले का मामला सामने आया है। शहर के बरगवां क्षेत्र में स्थित सरकारी नजूल भूमि को कथित तौर पर धोखाधड़ी और प्रशासनिक मिलीभगत से निजी हाथों में सौंप दिया गया। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन इसे मात्र 3.56 करोड़ रुपये में बेचा गया।शिकायतकर्ता अजय माली (कटनी निवासी) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

उनके अनुसार, खसरा क्रमांक 140, 141 और 143/1 की कुल 0.308 हेक्टेयर (लगभग 21 हजार वर्गफुट) भूमि राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक/शासकीय संपत्ति के रूप में दर्ज है। फिर भी फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक तथ्यों के आधार पर इसे निजी व्यक्तियों के नाम रजिस्टर्ड कर दिया गया।मुख्य आरोप और विवरणजमीन पर स्थित एक पुराने भवन की मात्र 2368 वर्गफुट की नगर निगम टैक्स रसीद का इस्तेमाल कर पूरी 21 हजार वर्गफुट भूमि का सौदा किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है, जिससे शासन को करोड़ों का आर्थिक नुकसान हुआ है।वर्ष 2019 में तत्कालीन नजूल तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में इस भूमि को पूरी तरह शासकीय घोषित किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट था कि एक छोटे हिस्से को छोड़कर वहां कोई निर्माण वैध नहीं है।नगर निगम द्वारा जारी भवन अनुमति केवल निजी उपयोग के लिए थी और उसमें जमीन के विक्रय पर स्पष्ट प्रतिबंध था। इन सभी नियमों के बावजूद रजिस्ट्री हो गई, जो मिलीभगत की ओर इशारा करती है।

मुख्य आरोपीशिकायत में पैट्रिक रॉबर्ट डन (Patrick Robert Dunn) को इस जालसाजी का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। उनके अलावा अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों और भू-माफियाओं पर भी आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए शासन को भारी नुकसान पहुंचाया गया।मांगें और कार्रवाईअजय माली ने मांग की है कि:पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय राजस्व जांच कराई जाए।शासकीय भूमि से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए।नियमों के खिलाफ हुई सभी रजिस्ट्रियां (विक्रय पत्र) निरस्त की जाएं।

आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी) और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज की जाए।प्रशासन की प्रतिक्रियापुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने शिकायत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले पर कलेक्टर से चर्चा की गई है और विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की जा चुकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।मुख्य आरोपी पैट्रिक रॉबर्ट डन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।यह मामला कटनी में नजूल भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों और बिक्री के बढ़ते मामलों को एक बार फिर उजागर करता है।

जांच के नतीजे से यह साफ होगा कि प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीर चूक हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed