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प्रयागराज में बड़ा झटका: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर POCSO एक्ट में FIR दर्ज, नाबालिगों के यौन शोषण के गंभीर आरोप

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यह मामला धार्मिक गुरुओं से जुड़े संवेदनशील आरोपों के कारण चर्चा में है। जांच के नतीजे पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्भर करेगी।

यह मामला धार्मिक गुरुओं से जुड़े संवेदनशील आरोपों के कारण चर्चा में है। जांच के नतीजे पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्भर करेगी।

प्रयागराज में बड़ा झटका: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर POCSO एक्ट में FIR दर्ज, नाबालिगों के यौन शोषण के गंभीर आरोपप्रयागराज (कार्यालय संवाददाता) — प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य दंडी स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि (मुकुंदानंद ब्रह्मचारी/गिरी) के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है

अदालत के निर्देश पर झूंसी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें POCSO एक्ट की धारा 3, 4(2), 5, 6, 16, 17 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (जैसे 351(2)) के तहत कार्रवाई की गई है।

आरोपी सूची में 2-3 अज्ञात व्यक्ति भी शामिल हैं।कोर्ट के आदेश और प्रक्रियास्पेशल जज (POCSO एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (शाकुंभरी पीठाधीश्वर और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य) की CrPC धारा 173(4) के तहत दाखिल अर्जी पर सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान दो नाबालिग पीड़ित बच्चों (उम्र 14 और 17 वर्ष) को अदालत में पेश किया गया और उनके बयान कैमरे के सामने वीडियोग्राफी के साथ दर्ज कराए गए।अदालत ने आरोपों को गंभीर और संज्ञेय अपराध मानते हुए पुलिस को तुरंत FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने, पीड़ितों की पहचान और सम्मान की रक्षा करने के निर्देश दिए।आरोप मुख्य रूप से आश्रम/शिविर (विशेषकर हालिया माघ मेले के दौरान) में गुरु-शिष्य संबंध की आड़ में यौन शोषण से जुड़े हैं।

याचिकाकर्ता और पृष्ठभूमिआशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि पीड़ित बच्चे (जिन्हें आश्रम में ‘बटुक’ कहा जाता है) लंबे समय से शोषण का शिकार थे, लेकिन डर और दबाव के कारण चुप रहे। वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से भी जुड़े बताए जाते हैं।

आरोपी पक्ष की प्रतिक्रियास्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोपों को झूठा और राजनीतिक/प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि मामला जांच का विषय है, लेकिन यह साजिश है और याचिकाकर्ता पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

आगे क्या?पुलिस अब विस्तृत जांच करेगी, जिसमें सबूत जुटाना, गवाहों से पूछताछ और पीड़ितों की सुरक्षा शामिल होगी। यह मामला धार्मिक गुरुओं से जुड़े संवेदनशील आरोपों के कारण चर्चा में है। जांच के नतीजे पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्भर करेगी।

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