रायपुर से मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी!महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन बेचने के नाम पर 24.52 लाख की धोखाधड़ी मामले में ढीमरखेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता
यह गिरफ्तारी स्थानीय स्तर पर पुलिस की कुशलता और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। मामले की जांच जारी है।
यह गिरफ्तारी स्थानीय स्तर पर पुलिस की कुशलता और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। मामले की जांच जारी है।

कटनी। महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन विक्रय के झांसे में 24 लाख 52 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया तथा एसडीओपी श्रीमती आंकाक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में ढीमरखेड़ा पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
घटना का विवरणग्राम बरेली निवासी रणजीत पटेल (पिता घासीराम पटेल) की शिकायत पर थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 63/2026 दर्ज किया गया था। आरोपी आदी पटेल, मुकेश पटेल और अन्य ने महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता से 24 लाख 52 हजार रुपये ठग लिए थे।आरोपियों ने फर्जी बैंक खाते खुलवाकर पैसे ट्रांसफर किए। मुकेश पटेल ने एस.आर.एम. फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नाम से फर्जी खाता खुलवाया और मुंकूदी पटेल के नाम से भी फर्जी अकाउंट बनाया।
इन खातों से आरोपी मनीष पांडे और दिलीप दुबे ने पैसे अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।मुकेश पटेल और मुंकूदी पटेल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। अब फरार मुख्य आरोपी मनीष पांडे (जो पूर्व में थाना एनकेजे क्षेत्र में रहता था और अपना मकान बेचकर भाग गया था) को रायपुर से दबोच लिया गया।पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर विशेष टीम रायपुर भेजी गई, जहां मनीष पांडे को गिरफ्तार कर कटनी लाया गया। माननीय न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, उपनिरीक्षक सुरेश चौधरी, आरक्षक पंकज सिंह और डुमनदास की विशेष भूमिका रही। टीम ने फरार आरोपी की निरंतर तलाश और सूचना संग्रहण से यह सफलता हासिल की।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि धोखाधड़ी के मामलों में कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा। आमजन से अपील की गई है कि जमीन से संबंधित किसी भी सौदे में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यह गिरफ्तारी स्थानीय स्तर पर पुलिस की कुशलता और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। मामले की जांच जारी है।
