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नगर पालिका निगम ने अनधिकृत मैरिज गार्डनों पर की सख्त कार्रवाईशहर में बिना लाइसेंस चल रहे तीन मैरिज गार्डन सील

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निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध मैरिज गार्डनों की संख्या काफी है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां तेज की जाएंगी।

निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध मैरिज गार्डनों की संख्या काफी है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां तेज की जाएंगी।

[शहर का नाम], [तारीख]: नगर पालिका निगम प्रशासन ने शहर में अनधिकृत रूप से संचालित मैरिज गार्डनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को तीन मैरिज गार्डनों पर तालाबंदी कर दी है। यह कार्रवाई “मध्यप्रदेश नगर पालिका (विवाह स्थल का पंजीयन एवं उपभोग) आदर्श उपविधि 2020” के प्रावधानों के तहत की गई।नोडल अधिकारी (कालोनी सेल) ने बताया कि निगमायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने जांच में पाया कि ये तीनों विवाह स्थल बिना वैध पंजीयन और लाइसेंस के संचालित हो रहे थे।

इससे पहले संचालकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समयावधि में नियमों का पालन नहीं किया गया।इसके बाद निगम प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन मैरिज गार्डनों के संचालन पर रोक लगा दी और स्थलों को सील कर दिया गया।निगम प्रशासन का सख्त संदेशनिगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में संचालित सभी विवाह स्थलों (मैरिज गार्डन, शादी हॉल आदि) के लिए पंजीयन एवं लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

सुरक्षा मानक, अग्निशमन व्यवस्था, स्वच्छता, पार्किंग और अन्य आवश्यक शर्तों का पालन किए बिना कोई भी स्थल संचालित नहीं कर सकता। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ ऐसी ही कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।नागरिकों से अपीलनगर पालिका निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शादी-विवाह या अन्य समारोह आयोजित करने के लिए केवल वैध रूप से पंजीकृत और अनुमति प्राप्त विवाह स्थलों का ही उपयोग करें।

इससे सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित रहती है।अनधिकृत स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनहोनी की जिम्मेदारी स्वयं आयोजकों की होगी।क्यों जरूरी है पंजीयन?मध्यप्रदेश नगर पालिका उपविधि 2020 के अनुसार, विवाह स्थलों को क्षेत्रफल के आधार पर श्रेणीबद्ध किया जाता है और पंजीयन के साथ वार्षिक उपभोक्ता शुल्क भी देना होता है। इससे न केवल राजस्व बढ़ता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और मानकों का भी पालन सुनिश्चित होता है।

निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध मैरिज गार्डनों की संख्या काफी है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां तेज की जाएंगी

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