Katni news संसारपुर में करंट की चपेट में महिला की मौत के मामले में 6 माह माह बाद मामला दर्ज
बिजली विभाग या ठेकेदार कंपनियों को मजदूरों के लिए उचित सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और चेतावनी व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए।
बिजली विभाग या ठेकेदार कंपनियों को मजदूरों के लिए उचित सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और चेतावनी व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए

Katni news संसारपुर में करंट की चपेट में महिला की मौत के मामले में 6 माह माह बाद मामला दर्ज
स्लीमनाबाद (कटनी जिला)। लापरवाही की भयानक कीमत चुकानी पड़ी एक 35 वर्षीय महिला को, जब खेत में काम के दौरान बिजली के ,करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
घटना को 6 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए कंपनी के संचालक और एक कर्मचारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।घटना का पूरा विवरणतारीख और समय: 11 जुलाई 2025, शाम लगभग 7 बजे।स्थान: ग्राम संसारपुर, थाना स्लीमनाबाद क्षेत्र, कटनी जिला (मध्य प्रदेश)।पीड़िता: मुन्नी बाई (35 वर्ष), पति दसईराम भुमिया, निवासी संसारपुर।
महिला पवन मित्तल के खेत में मजदूरी कर रही थीं, तभी बिजली की लापरवाही से करंट लग गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।जांच में सामने आया कि एलटेल पावर प्राइवेट लिमिटेड (L-Tell Power Pvt. Ltd.) द्वारा खेत के आसपास या संबंधित क्षेत्र में बिजली से जुड़े कार्य चल रहे थे, जिसमें सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई।
उचित इंसुलेशन, चेतावनी बोर्ड, या बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से यह हादसा हुआ।पुलिस की कार्रवाई – 6 महीने बाद FIRलंबे समय बाद, 3 फरवरी 2026 को रात 9:09 बजे थाना स्लीमनाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपियों में शामिल हैं:एलटेल पावर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक।पुष्पराज सिंह (41 वर्ष), पिता बंस राज सिंह, निवासी चाणक्य कॉलोनी, थाना कोलगवां, जिला सतना (स्थानीय कर्मचारी)।लागू धाराएं (भारतीय न्याय संहिता – BNS):धारा 106(1): लापरवाही से मौत का कारण बनना (Causing death by negligence)।धारा 125(A): दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य (Act endangering life or personal safety of others)।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। कंपनी की ओर से की गई लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसके चलते मजदूरों की जान जोखिम में पड़ गई।वर्तमान स्थितिपरिवार सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संभवतः कंपनी पर भी जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।
यह घटना एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा के मानकों की अनदेखी के खतरनाक परिणामों की याद दिलाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि
बिजली विभाग या ठेकेदार कंपनियों को मजदूरों के लिए उचित सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और चेतावनी व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए।
