Katni news हाई टेंशन लाइन की चपेट में आया मजदूर, मौत
प्रशासन से अपील है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल जांच हो और दोषी लोगों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न
प्रशासन से अपील है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल जांच हो और दोषी लोगों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।

Katni news हाई टेंशन लाइन की चपेट में आया मजदूर, मौत कटनी
।आज दिनांक 31 जनवरी 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे, कटनी जिले के विश्राम बाबा स्थित सुधार न्यास कॉलोनी मोड़ पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई।मृतक की पहचान दिनेश केवट (उम्र 35 वर्ष), पुत्र कुंजी लाल केवट, निवासी धपई, माधवनगर के रूप में हुई है।
काम के दौरान उनका पैर जाल में फंस गया, जिससे वह संतुलन खो बैठे और सीधे वहां से गुजर रही 33 केवी हाई टेंशन लाइन (मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड – MPB) की चपेट में आ गए। तेज विद्युत झटके से वह मौके पर ही गिर पड़े और गंभीर रूप से झुलस गए।
स्थानीय निवासियों ने तुरंत मदद की और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।लापरवाही का गंभीर मामला उजागरयह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जिम्मेदार विभागों की घोर लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस खतरनाक 33 केवी हाई टेंशन लाइन को शिफ्ट करने (अंडरग्राउंड करने या सुरक्षित स्थान पर ले जाने) के लिए टेंडर पहले ही पास हो चुका था।
इसके बावजूद मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड (MPB) और संबंधित ठेकेदार ने कार्य समय पर पूरा नहीं किया।घनी आबादी वाली इस कॉलोनी के बीच से गुजर रही यह हाई टेंशन लाइन लंबे समय से खतरे की घंटी बजा रही थी। स्थानीय लोग पहले भी कई बार शिकायत कर चुके थे कि यह लाइन किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका पैदा कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
।स्थानीय लोगों में भारी आक्रोशसुधार न्यास कॉलोनी में दर्जनों परिवार और आवासीय मकान हैं। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते लाइन को शिफ्ट कर दिया जाता, तो आज एक निर्दोष मजदूर की जान नहीं जाती। लोग इस घटना को लेकर बेहद आक्रोशित हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि बुनियादी सुरक्षा उपायों में होने वाली लापरवाही कितनी भयानक कीमत वसूल सकती है।
प्रशासन से अपील है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल जांच हो और दोषी लोगों को दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।
