कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की घटना के बावजूद, कुठला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और केवल मारपीट की एनसीआर दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की।
न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने हार नहीं मानी और कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) डॉ. संतोष डेहरिया को अपनी आपबीती सुनाई।
अधिकारियों की सख्ती से जागी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए और मीडिया द्वारा इसे प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, पुलिस ने आखिरकार कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक और एएसपी की सक्रियता के चलते पीड़िता को अब न्याय की उम्मीद जगी है।
सवालों के घेरे में कुठला थाना
सवाल यह उठता है कि जब पीड़िता ने स्पष्ट रूप से छेड़छाड़ की शिकायत की थी, तो कुठला थाना पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एनसीआर क्यों काटी? इस लापरवाही ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया का बयान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया ने मीडिया को बताया:
“मामले की गंभीरता और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कुठला थाना प्रभारी से यह भी पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने प्रारंभ में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की।”
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