google1b86b3abb3c98565.html

कटनी में पुलिस की सख्त कार्रवाई: देर रात बिना अनुमति तेज डीजे बजाने पर लाखों का साउंड सिस्टम और वाहन जब्त

0

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण से संबंधित कोई भी शिकायत तुरंत थाने या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण से संबंधित कोई भी शिकायत तुरंत थाने या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

कटनी (मध्य प्रदेश), 6 फरवरी 2026: शहर में ध्वनि प्रदूषण और कोलाहल को लेकर पुलिस ने सख्ती बरती है। कुठला थाना क्षेत्र में जलसा मैरिज गार्डन के बाहर मुख्य सड़क पर शुक्रवार रात करीब 10 बजे से मध्यरात्रि के आसपास एक लोडर वाहन पर लगे हाई-पावर डीजे सिस्टम से अत्यधिक तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था।

इससे आसपास के निवासियों को गंभीर परेशानी हुई और इलाके में शांति भंग हुई।स्थानीय निवासियों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कुठला थाने के निरीक्षक राजेन्द्र मिश्रा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच में पाया गया कि डीजे ऑपरेटर ने किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली थी और निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल लेवल) से कई गुना अधिक शोर कर रहा था, जो मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 और संबंधित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

जब्त सामान और वाहनपुलिस ने मौके से पूरा डीजे सेटअप जब्त कर लिया, जिसमें शामिल हैं:लोडर वाहन (क्र. MP21G2484) चालू हालत में4 टॉप बॉक्स (15 इंच, PRDO कंपनी) और 4 बेस बॉक्स (15 इंच, देव ऑडियो)7 लाइट उपकरण (4 SRP एक्सिस और 3 स्टोप लाइट)एम्पलीफायर: 3 किलोवाट और 5 किलोवाट (स्टुडियो मास्टर)अन्य: विधाता कंपनी का जनरेटर, न्यू मार्क कंपनी का क्रॉसओवर और मिक्सरजब्त सामान की अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

कानूनी कार्रवाईइस मामले में आरोपी तेजस्वी गुप्ता (23 वर्ष), निवासी दुर्गा चौक, बड़ी खिरहनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(B) (शांति भंग करने संबंधी) और मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे उल्लंघनों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उपकरणों की जब्ती और जुर्माना शामिल है।

यह कार्रवाई शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस की मुहिम का हिस्सा है, खासकर रात के समय जब शादियों, जुलूसों या अन्य आयोजनों में तेज डीजे का इस्तेमाल आम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक शोर से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, जैसे सुनने की क्षमता में कमी, उच्च रक्तचाप और तनाव।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण से संबंधित कोई भी शिकायत तुरंत थाने या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed