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कटनी में PPP मॉडल पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के खिलाफ जन-आक्रोश, ‘पूर्णतः सरकारी मेडिकल कॉलेज’ की मांग तेज; 20 जनवरी को बंद का ऐलान, निकाला मशाल जुलूस

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यदि विरोध और बढ़ता है, तो भूमिपूजन कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। सभी की नजरें अब राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और 20 जनवरी के बंद पर टिकी हैं

यदि विरोध और बढ़ता है, तो भूमिपूजन कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। सभी की नजरें अब राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और 20 जनवरी के बंद पर टिकी हैं

कटनी, 19 जनवरी 2026 – मध्य प्रदेश के कटनी जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित करने के राज्य सरकार के फैसले ने स्थानीय स्तर पर व्यापक विरोध को जन्म दिया है।

इस संबंध में शहर में मसाला जुलूस निकाला गया। इसमें शहरवासी, विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एकजुट होकर पूर्णतः शासकीय (सरकारी) मेडिकल कॉलेज की मांग की।

विरोध प्रदर्शन अब सड़कों से सोशल मीडिया तक फैल चुका है, और 20 जनवरी को कटनी बंद का आह्वान किया गया है।विरोध की पृष्ठभूमि और विकासराज्य सरकार ने अगस्त 2025 में Betul, Dhar, Katni और Panna सहित चार जिलों में PPP मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के समझौते किए थे।

दिसंबर 2025 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने Dhar और Betul में इन कॉलेजों की आधारशिला रखी।कटनी में भी इसी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की योजना है, और जल्द ही भूमिपूजन की संभावना है (कुछ रिपोर्ट्स में 24 जनवरी का उल्लेख)।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश आने का न्योता दिया था, जिसके दौरान कटनी में कार्यक्रम हो सकता है।हालांकि, PPP मॉडल की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा है।

लोग इसे निजीकरण का रूप मान रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इससे आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाएंगी।

विरोध के प्रमुख कारणस्थानीय आंदोलनकारियों और प्रदर्शनकारियों के मुख्य तर्क निम्न हैं:

महंगा इलाज और जांच: निजी भागीदारी से ट्रीटमेंट, जांच और दवाओं के खर्च में वृद्धि की आशंका।

सीटों पर प्रभाव: सरकारी कोटे में कमी, मैनेजमेंट कोटा के जरिए भारी डोनेशन/कैपिटेशन फीस का खतरा।

संसाधनों का निजी दोहन: सरकारी जमीन, सब्सिडी और अन्य संसाधनों का लाभ मुख्य रूप से निजी पार्टनर को मिलने की आशंका।

कटनी की स्थिति: जिला राजस्व में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है, फिर भी स्वास्थ्य सुविधाओं में ‘निजीकरण’ क्यों थोपा जा रहा है?पिछले दिनों कचहरी चौराहे, माधव नगर और अन्य इलाकों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन हुए। जन जागरण अभियान चलाए गए, और ज्ञापन सौंपे गए। कुछ स्थानों पर अनोखे विरोध भी देखे गए, जैसे कुत्ते को ज्ञापन सौंपना (प्रतीकात्मक रूप से प्रशासन की उपेक्षा दिखाने के लिए)।

वर्तमान स्थिति और आह्वान20 जनवरी 2026 को कटनी बंद का व्यापक आह्वान किया गया है। दुकानें बंद रखने और एकजुट प्रदर्शन की अपील की जा रही है।

सोशल मीडिया पर “कटनी मांगे शासकीय मेडिकल कॉलेज”, “No PPP, Yes Government Medical College” जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैंl

प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि PPP मॉडल को रद्द कर पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए।यह मामला स्वास्थ्य शिक्षा में PPP मॉडल की उपयोगिता और स्थानीय भावनाओं के बीच टकराव को उजागर कर रहा है।

यदि विरोध और बढ़ता है, तो भूमिपूजन कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। सभी की नजरें अब राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और 20 जनवरी के बंद पर टिकी हैं।

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