ये क्या ! सबसे लंबे रेलवे ग्रेड सेपरेटर प्रोजेक्ट के निर्माण में लगी प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी (लार्सन एंड टूब्रो) के श्रमिक को अपने अधिकारों के लिए करनी पड़ रही हड़ताल
श्रमिकों की यह एकजुटता उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत संदेश दे रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।
श्रमिकों की यह एकजुटता उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत संदेश दे रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।

ये कटनी।देश के सबसे लंबे रेलवे ग्रेड सेपरेटर प्रोजेक्ट के निर्माण में लगी प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी (लार्सन एंड टूब्रो) के श्रमिकों का धैर्य आखिरकार टूट फिर टूट गया है। सोमवार से 100 से अधिक श्रमिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह ठप हो गया है।श्रमिकों ने कंपनी के एनकेजे स्थित कार्यालय के सामने डेरा डाल लिया है और अपनी मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है।
उनका आरोप है कि वे 2021 से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में योगदान दे रहे हैं, लेकिन कंपनी उनके वैधानिक अधिकारों का लगातार हनन कर रही है।
प्रमुख मांगेंश्रमिकों ने प्रबंधन को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा है, जिसमें शामिल हैं:पिछले 8 महीनों से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान5 वर्षों का बकाया बोनसप्रॉविडेंट फंड (भविष्य निधि) का नियमित कटौती और जमामेडिकल सुविधाएं और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धतासुरक्षा उपकरणों की कमी को दूर करनारोजाना औसतन 4 घंटे के ओवरटाइम का भुगताननोटिस पे, टीए/डीए, और हाइट अलाउंस जैसी अन्य बकाया सुविधाओं का निपटाराश्रमिक नेताओं ने स्पष्ट किया है कि खोखले आश्वासनों से अब कोई फायदा नहीं होगा।
जब तक उनके बैंक खातों में पूरा बकाया राशि नहीं पहुंच जाती, वे काम पर नहीं लौटेंगे।यह हड़ताल शहर के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को प्रभावित कर रही है, जो रेलवे और सड़क यातायात को बेहतर बनाने के लिए बनाया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि प्रोजेक्ट में और देरी न हो।
श्रमिकों की यह एकजुटता उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत संदेश दे रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।
