प्रयागराज से अहम समाचार सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है।
यह आदेश उनके खिलाफ दर्ज POCSO एक्ट से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया गया।अग्रिम जमानत पर सुनवाईशंकराचार्य ने अपने विरुद्ध दर्ज प्रकरण में संभावित गिरफ्तारी से संरक्षण पाने के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी प्रस्तुत की थी।
सुनवाई के उपरांत अदालत ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।न्यायालय का आदेशन्यायमूर्ति जितेंद्र सिन्हा की एकल पीठ ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि आगामी आदेश तक किसी प्रकार की गिरफ्तारी की कार्रवाई न की जाए।
साथ ही न्यायालय ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने हेतु अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है।पक्ष और विपक्ष की दलीलेंबचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि लगाए गए आरोप आधारहीन हैं और एक प्रतिष्ठित धर्मगुरु को अनुचित रूप से प्रकरण में जोड़ा गया है।
वहीं, राज्य की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया और मामले की गंभीरता पर जोर दिया।फिलहाल की स्थितिअदालत के अगले आदेश तक शंकराचार्य को पुलिस कार्रवाई से संरक्षण प्राप्त रहेगा।
अंतिम निर्णय आने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया तय होगी।
संभावना है कि 1 अप्रैल के बाद यह सुविधा पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी।
अब देखना यह है कि इस नए नियम का अमल कैसे होता है और क्या…
स्थानीय लोग और हितग्राही ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग…
स्थानीय किसान संगठन भी विधायक के इस प्रयास का समर्थन कर रहे हैं और सरकार…
इस तरह की घटनाएं समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती…
लोकायुक्त की टीम ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का संकल्प ले रही है।
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