कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कैमोर थाना अंतर्गत बमहनगवां स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में बुधवार को स्कूल परिसर की जर्जर दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबकर कक्षा 5वीं का 11 वर्षीय छात्र राजकुमार बर्मन की दर्दनाक मौत हो गई।
घटना कैसे हुई?राजकुमार रोज की तरह स्कूल पहुंचा था। पढ़ाई के दौरान वह स्कूल परिसर में बने शौचालय का उपयोग करने गया। तभी पुरानी और जर्जर हो चुकी बाथरूम की दीवार उसके ऊपर गिर पड़ी। मलबे में पूरी तरह दब गया।दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर उसकी 9 वर्षीय छोटी बहन मौके पर दौड़ी आई। उसने बहादुरी से मलबा हटाने की कोशिश की और भाई को बाहर निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अकेले सफल नहीं हो पाई। उसने तुरंत शिक्षकों और परिजनों को सूचना दी।
शिक्षक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, मलबा हटाकर राजकुमार को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।एम्बुलेंस नहीं पहुंची, ऑटो से अस्पताल ले गएघटना की सूचना 108 एम्बुलेंस को दी गई, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंची। मजबूरन परिजनों ने 500 रुपये में ऑटो-रिक्शा बुक किया और घायल बच्चे को विजयराघवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लापरवाही का आरोपमृतक के चाचा सत्यम बर्मन और पिता मोहित बर्मन सहित परिजनों का आरोप है कि स्कूल के शौचालय और अन्य भवनों की जर्जर स्थिति के बारे में कई बार शिक्षकों को मौखिक शिकायत की गई थी। बाउंड्री वॉल और शौचालय लंबे समय से खतरनाक हालत में थे, लेकिन कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया। इसी लापरवाही का खामियाजा मासूम राजकुमार को अपनी जान से चुकाना पड़ा।
घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताया और स्कूल परिसर में जुटकर अपनी नाराजगी जाहिर की।प्रशासन की प्रतिक्रियाजिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद जांच टीम गठित कर दी गई है। स्कूल भवन की स्थिति, पूर्व शिकायतों की अनदेखी और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची, शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई है। तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की बदहाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी लापरवाही से और मासूम बच्चों की जान खतरे में न पड़े, इसके लिए तत्काल मरम्मत और जवाबदेही जरूरी है।
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