खनिज अमले का सख्त एक्शन: लाइम स्टोन खदानों का निरीक्षण, रायल्टी जमा करने के निर्देश
विभाग का यह कदम खनन क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है
विभाग का यह कदम खनन क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है

वर्ष 2025-26 की समाप्ति नजदीक होने के कारण कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर विभाग ने लाइम स्टोन (चूना पत्थर) खदानों पर विशेष नजर रखी है, ताकि राजस्व की कोई चोरी न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
मंगलवार को तहसील विजयराघवगढ़ के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। खनिज अमले ने कई प्रमुख खदानों का दौरा किया, जहां उत्पादित खनिज की मात्रा, उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया और इसे ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज आंकड़ों से मिलान किया गया।
प्रमुख बिंदु:निरीक्षण वाले क्षेत्र: ग्राम नन्हवारा, सुनहरी, सलेया, आमहेटा, विस्तरा और बड़ारी।
शामिल खदानें: सीमको, कर्मचंद्र, दुबास, आर.बी. गौर और रवि ग्रोवर की खदानें।निर्देश: खदान संचालकों को तत्काल स्टॉक मैटेरियल का प्रेषण (डिस्पैच) करने और निर्धारित समय-सीमा में रायल्टी जमा करने के सख्त आदेश दिए गए।
अंतिम तिथि: सभी पट्टाधारियों को 28 मार्च तक खनिज मात्रा के अनुसार पूरी रायल्टी जमा करानी होगी।चेतावनी: यदि कम रायल्टी जमा पाई गई, तो संबंधित खदान संचालकों के खिलाफ रिकवरी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक खनिज आर.के. दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा और कमल कांत परस्ते सहित अन्य अधिकारी इस निरीक्षण में शामिल रहे।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान जिले की शेष खदानों तक जारी रहेगा, ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी राजस्व संबंधी बकाया पूरी तरह वसूल हो सके और खनन गतिविधियां पूरी पारदर्शिता के साथ चलें।
कटनी, जो “बकेट ऑफ मिनरल्स” के नाम से जाना जाता है, में लाइम स्टोन जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की भरमार है।
इस तरह की सख्ती से न केवल सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी, बल्कि अवैध खनन और राजस्व हानि पर भी लगाम कसेगी।
विभाग का यह कदम खनन क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
