कटनी, मध्य प्रदेश: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तैनात CRPF जवान नीलेश कुमार गर्ग (32) ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना सोमवार देर रात इंजरम स्थित CRPF की 219वीं बटालियन के कैंप में हुई। नीलेश की पत्नी पूर्णिमा गर्ग ने उनके दोस्त सोनल बिलैया पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके मोबाइल से भेजे गए आपत्तिजनक मैसेज ने नीलेश को इस कठोर कदम के लिए उकसाया। पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, नीलेश सोमवार रात ड्यूटी के बाद कैंप लौटे थे। देर रात कैंप में गोली चलने की आवाज सुनकर साथी जवान मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने नीलेश को राइफल से सिर में गोली लगी हालत में पाया। मौके से 6 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी सामग्री की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण निजी तनाव बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी सुसाइड नोट का खुलासा नहीं किया।
पत्नी का आरोप, दोस्त से पूछताछ
नीलेश की पत्नी पूर्णिमा ने कटनी के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने सोनल बिलैया पर उनके फोन से आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगाया। पूर्णिमा का दावा है कि इन मैसेजों ने नीलेश को मानसिक रूप से आहत किया, जिसके चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। कोतवाली थाना प्रभारी अजय बहादुर सिंह ने बताया कि सोनल बिलैया से पूछताछ शुरू हो चुकी है और मैसेजों की सत्यता की जांच के लिए फोन की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
पुलिस और CRPF की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। नीलेश के परिजनों को सूचित कर शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CRPF ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
सुसाइड नोट पर टिकी जांच
पुलिस और CRPF संयुक्त रूप से सुसाइड नोट और घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोट में लिखी जानकारी आत्महत्या के कारणों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
यह घटना CRPF जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। नीलेश की आत्महत्या ने उनके परिवार, साथी जवानों और स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
आगे की राह
पुलिस और CRPF प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है, जिससे इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। इस बीच, नीलेश के परिवार और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
जांच से संबंधित अगली जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
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