पेंशन के इंतज़ार में SBI कटनी शाखा में थमी बुजुर्ग पेंशनभोगी की सांसें; कुर्सी पर बैठे-बैठे हुई मौत कटनी
वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है।
वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है।

पेंशन के इंतज़ार में SBI कटनी शाखा में थमी बुजुर्ग पेंशनभोगी की सांसें; कुर्सी पर बैठे-बैठे हुई मौत
कटनी (मध्य प्रदेश)28 जनवरी कटनी: शहर की मुख्य भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना घटी, जब मासिक पेंशन प्राप्त करने आए 68 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी दुर्गा प्रसाद बर्मन की बैंक परिसर में ही मौत हो गई। यह घटना न केवल परिवार के लिए सदमा लेकर आई, बल्कि बुजुर्गों की बैंकिंग प्रक्रियाओं में होने वाली असुविधाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है।
घटना का क्रम दुर्गा प्रसाद बर्मन, जो कलेक्टर कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे, नियमित रूप से अपनी पेंशन लेने बैंक आते थे। बुधवार को उन्होंने:पेंशन संबंधी आवश्यक फॉर्म भरे,सभी जरूरी दस्तावेज काउंटर पर जमा किए,प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक में उपलब्ध एक कुर्सी पर आराम करने बैठ गए।
कुछ देर बाद जब अन्य ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों ने उन्हें लंबे समय तक एक ही स्थिति में स्थिर देखा, तो उन्हें जगाने की कोशिश की गई। लेकिन शरीर में कोई हलचल या प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई।तत्काल कार्रवाई और मृत्यु घोषणा बैंक प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इसे प्राकृतिक मृत्यु (संभवतः हृदय गति रुकना) माना जा रहा है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है, लेकिन जांच जारी है।परिवार और समाज में शोक की लहर दुर्गा प्रसाद बर्मन के परिजनों का कहना है कि वे नियमित रूप से पेंशन लेने आते थे और स्वास्थ्य सामान्य था। यह घटना बुजुर्गों के लिए लंबी कतारों, इंतजार और शारीरिक थकान के खतरों को उजागर करती है। कई सामाजिक संगठनों ने इस पर चिंता जताई है और सरकार से पेंशन वितरण को अधिक सुगम, घर-घर पहुंचाने या डिजिटल/प्राथमिकता आधारित बनाने की मांग की है।यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि
वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है।
