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मध्य प्रदेश में निजी बसों के पहिए थमने वाले हैं!2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, लाखों यात्रियों पर भारी पड़ सकता है असर

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सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बस ऑपरेटर्स ने साफ कहा है—मांगें नहीं मानी गईं तो बसें नहीं चलेंगी। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बस ऑपरेटर्स ने साफ कहा है—मांगें नहीं मानी गईं तो बसें नहीं चलेंगी। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भोपाल/कटनी/सागर (अपडेटेड न्यूज़): मध्य प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति (स्टेज कैरिज नीति और मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना) के खिलाफ निजी बस ऑपरेटर्स ने बड़ा कदम उठाया है। कटनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन सहित प्रदेश भर के बस मालिकों ने 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है।

अनुमान है कि इससे 6000 से अधिक यात्री बसें प्रभावित होंगी, जिससे 55 जिलों में आम जनता को यात्रा में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है—खासकर होली के आसपास का समय होने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।हड़ताल का मुख्य कारण: नई नीति से बढ़ेगा बोझसरकार ने 24 दिसंबर 2025 को नई परिवहन नीति का प्रारूप जारी किया और 29 जनवरी 2026 से संशोधन लागू किए।

प्रदेश को 7 जोनों में बांटकर 7 निजी कंपनियों को बस संचालन का अधिकार दिया जा रहा है।निजी बस संचालकों को इन कंपनियों से अनुबंध अनिवार्य होगा।परमिट नवीनीकरण अब हर 6 महीने में कराना होगा (पहले 5 साल के लिए होता था)।अतिरिक्त टैक्स, शुल्क और प्रशासनिक खर्च बढ़ेंगे।अप्रैल 2026 से PPP मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) पर बसें चलेंगी—बसें निजी होंगी, लेकिन नियंत्रण और निगरानी सरकार की होगी।कटनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभ प्रकाश मिश्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह नीति निजी बस संचालकों के लिए आर्थिक और प्रशासनिक बोझ बढ़ाएगी।

कई ऑपरेटर बेरोजगार हो सकते हैं। सरकार को नीति वापस लेनी होगी।”मांगें स्पष्ट, अल्टीमेटम दिया गयानई परिवहन नीति और संशोधनों को पूरी तरह वापस लिया जाए।मौजूदा 5 साल के परमिट व्यवस्था यथावत रहे।यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 2 मार्च सुबह 6 बजे से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू होगी।आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी—यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।प्रदेश के कई जिलों (सागर, देवास, विदिशा, बैतूल, नीमच, रायसेन आदि) में ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के बैनर तले यह आंदोलन चल रहा है।पत्रकार वार्ता में मौजूद प्रमुख पदाधिकारी (कटनी)अध्यक्ष: शुभ प्रकाश मिश्रवरिष्ठ उपाध्यक्ष: पंकज गुप्ताअन्य: मनोज कुमार चौरसिया, राजेंद्र मिश्रा, प्रदीप गुप्ता, यादवेंद्र मिश्रा, रामजी पांडे सहित सभी सदस्ययात्रियों के लिए सलाह:2 मार्च से पहले ट्रेन, सरकारी बसें (म.प्र. परिवहन निगम) या अन्य वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था कर लें।हड़ताल अनिश्चितकालीन है, इसलिए यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बस ऑपरेटर्स ने साफ कहा है—मांगें नहीं मानी गईं तो बसें नहीं चलेंगी। स्थिति पर नजर रखी जा रही है

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