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कटनी में बड़ा खुलासा: एनएच-43 पर सुर्खी टैंक नाके पर वन विभाग के नाम पर सरेआम अवैध वसूली, सीएम हेल्पलाइन जांच में पर्दाफाश

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आम जनता से अपील है कि ऐसी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तुरंत सीएम हेल्पलाइन 181 या स्थानीय थाने में दें।

आम जनता से अपील है कि ऐसी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तुरंत सीएम हेल्पलाइन 181 या स्थानीय थाने में दें।

एफआईआर की बजाय पत्र लिखकर मामला दबाने की कोशिश?कटनी, 18 मार्च 2026 – कटनी जिले के एनएच-43 (कटनी-उमरिया मार्ग) पर स्थित सुर्खी टैंक के पास वन विभाग के नाके पर लंबे समय से चल रही अवैध उगाही का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर दर्ज शिकायत की जांच में पुष्टि हुई है कि यहां वन कर्मचारी और कुछ प्राइवेट लोग मिलकर खनिज वाहनों (ट्रकों) से 100 से 500 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे थे। कोई रसीद नहीं दी जाती थी, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी था।

शिकायतकर्ता जगदीश तिवारी की हिम्मत से इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ, जो खनिज विभाग के नाम पर ट्रक ड्राइवरों से लूट मचा रहा था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि नाके पर तैनात कर्मचारी ट्रकों को रोककर पैसे वसूलते थे, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक रसीद या रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था।हैरतअंगेज खुलासाशासन द्वारा कटनी जिले में कोई भी ‘खनिज जांच नाका’ अधिसूचित नहीं है।वन विभाग को केवल लकड़ी और वन उपज की जांच का अधिकार है, खनिज वाहनों को रोकने या उनसे वसूली का कोई हक नहीं।

फिर भी सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यह नाका चलाया जा रहा था।सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वसूली ऊपर तक बैठे वरिष्ठ अधिकारियों की मौन सहमति से हो रही थी? जांच पूरी होने के बावजूद खनिज विभाग के अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने की बजाय केवल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही, जिससे मामला रफा-दफा करने की कोशिश लग रही है।ट्रक चालकों की परेशानीट्रक ड्राइवरों का आरोप है कि इस तरह की अवैध वसूली से उनका रोजगार प्रभावित होता है और वे मजबूरन पैसे देने को विवश होते हैं।

इससे पहले भी कटनी में इसी तरह के नाकों पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, जहां ट्रकों ने हाईवे जाम किया था।कानूनी स्थितिवन विभाग का अधिकार केवल वन्य उत्पादों (लकड़ी, बांस आदि) तक सीमित है। खनिज परिवहन की जांच खनिज विभाग या संबंधित अधिकारी करते हैं। अवैध वसूली भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।जगदीश तिवारी ने कहा, “सीएम हेल्पलाइन ने जांच कर सच्चाई सामने लाई, लेकिन अब कार्रवाई में देरी से लोगों का विश्वास टूट रहा है।” पुलिस और प्रशासन से अपील है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

कटनी पुलिस और जिला प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच आगे बढ़ने पर और बड़े खुलासे की आशंका है।

आम जनता से अपील है कि ऐसी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना तुरंत सीएम हेल्पलाइन 181 या स्थानीय थाने में दें।

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