कटनी जंक्शन पर रेलवे बुकिंग संकट: महीनों इंतजार, पुष्टि टिकट अब सपना बनता जा रहा
परिणामस्वरूप कई लोग मजबूरन अपनी यात्राएं टाल रहे हैं या अनारक्षित कोच में जोखिम उठा रहे हैं।
परिणामस्वरूप कई लोग मजबूरन अपनी यात्राएं टाल रहे हैं या अनारक्षित कोच में जोखिम उठा रहे हैं।

कटनी (08 मई 2026) — मध्य भारत के सबसे बड़े रेलवे जंक्शनों में से एक कटनी से देश के लगभग हर कोने — दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, गोवा, हैदराबाद, पटना, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, जम्मू, जयपुर, केरल तक ट्रेनें उपलब्ध हैं। फिर भी आम यात्री को किसी भी क्लास में पुष्टि टिकट मिलना अब बेहद मुश्किल हो गया है।यात्रियों की शिकायत है कि डिमांड और सप्लाई के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। एआरपी (Advance Reservation Period) में भी большейांश ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी हो जाती है।
कई यात्री बताते हैं कि जरूरी यात्रा के लिए अब महीनों पहले बुकिंग करनी पड़ती है, फिर भी कन्फर्मेशन मिलना मुश्किल है।यात्री क्या कहते हैं?एक स्थानीय यात्री ने कहा, “कटनी से मुंबई, बेंगलुरु, गोवा या गुवाहाटी जाना हो तो अब रिजर्वेशन किसी सरकारी नौकरी जैसा कठिन हो गया है। मंत्रालय और पीएमओ को इस समस्या से कोई लेना-देना नहीं दिखता।”लंबी दूरी की यात्रा के अन्य विकल्प भी सीमित हैं:बसें — रूट सीमित, महंगी और कम आरामदायक।हवाई यात्रा — तेज लेकिन महंगी, और छोटे शहरों से कनेक्टिविटी सीमित।
परिणामस्वरूप कई लोग मजबूरन अपनी यात्राएं टाल रहे हैं या अनारक्षित कोच में जोखिम उठा रहे हैं।
