कटनी रेलवे स्टेशन पर सनसनीखेज रेस्क्यू: पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से 167 नाबालिग बच्चे बरामद,
आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता की सराहना की जा रही है।
आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता की सराहना की जा रही है।

, मानव तस्करी की आशंकाकटनी (मध्य प्रदेश), 12 अप्रैल 2026: रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने कटनी जंक्शन पर एक बड़ी और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस ट्रेन से 167 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। ये सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे।बाल कल्याण समिति को मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ और जीआरपी की टीम अलर्ट हो गई।
प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ट्रेन के रुकते ही सुरक्षा बलों ने ट्रेन को घेर लिया। बाल कल्याण समिति के अधिकारियों के साथ टीम ने ट्रेन के अंदर जाकर सभी बच्चों को उतारा और आरपीएफ थाने में ले आई।प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह एक टीचर है और पिछले 10 सालों से यह काम कर रहा है। उसका दावा है कि बच्चों को लातूर स्थित एक मदरसे में 5 साल की धार्मिक तालीम (शिक्षा) दिलाने के लिए ले जाया जा रहा था।
हालांकि, बच्चों के पास न टिकट था, न खाने-पीने की उचित व्यवस्था और न ही यात्रा संबंधी कोई दस्तावेज।आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई। चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर मनीष तिवारी ने कहा कि जांच अभी जारी है। जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल कुछ बच्चों को कटनी में और कुछ को जबलपुर में रखा गया है।मानव तस्करी का संदेह:पुलिस और बाल कल्याण विभाग मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
बच्चों को बिना दस्तावेजों के एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने को लेकर मानव तस्करी (child trafficking) का भी अंदेशा जताया जा रहा है। सभी बच्चों की उम्र नाबालिग बताई जा रही है और उनमें अधिकांश एक ही समुदाय से हैं।यह घटना बाल सुरक्षा और रेलवे में नाबालिगों की तस्करी रोकने के प्रयासों को लेकर नई बहस छेड़ सकती है।
आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता की सराहना की जा रही है।
