चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच कलेक्टर ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण
किसान भाइयों से अनुरोध: साफ-सुथरा गेहूं लाएं, समय पर स्लॉट बुक करें और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
किसान भाइयों से अनुरोध: साफ-सुथरा गेहूं लाएं, समय पर स्लॉट बुक करें और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

कटनी (28 अप्रैल 2026) — चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने मंगलवार को जिले के चार प्रमुख उपार्जन केंद्रों — बड़वारा, नन्हवारा सेझा, विलायतकला और अमाड़ी — का औचक निरीक्षण किया।उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि हर उपार्जन केंद्र पर पंखा और छन्ना के माध्यम से गेहूं की अच्छी सफाई कराकर ही गुणवत्तायुक्त (FAQ मानक) गेहूं की खरीदी की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:अमाड़ी केंद्र पर कलेक्टर ने खुद कुछ बोरियों को खुलवाकर गेहूं की गुणवत्ता परखी और साफ-सुथरा करने के बाद ही तौल कराने के निर्देश दिए।उन्होंने मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और खेतों में बोए गए रकबे तथा लाए गए गेहूं की मात्रा के बारे में जानकारी ली।साथ ही किसानों को केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, जिला आपूर्ति अधिकारी सज्जन सिंह परिहार, तहसीलदार बड़वारा ऋषि गौतम और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी यज्ञदत्त त्रिपाठी मौजूद रहे।
किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं:प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, ताकि अधिक किसान आसानी से स्लॉट बुकिंग कराकर अपनी उपज बेच सकें।किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचने की छूट दी गई है।केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं: पीने का शुद्ध पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और जन सुविधाएं।सख्त निर्देश और अपील:कलेक्टर श्री तिवारी ने केंद्र प्रभारियों को साफ निर्देश दिए — साफ-सुथरा और छना हुआ FAQ गुणवत्ता वाला गेहूं ही खरीदा जाए।
उन्होंने किसान भाइयों से अपील की कि वे उपार्जन केंद्र पर साफ-सुथरा गेहूं ही लाएं, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।खरीदी का आंकड़ा:जिले में अब तक 6,134 किसानों से 18,691 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी हो चुकी है। कुल 24,743 किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है।महत्वपूर्ण सूचना:स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है (पहले 30 अप्रैल तक थी)।
इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों को ₹2,585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य + राज्य सरकार का ₹40 प्रति क्विंटल बोनस मिल रहा है, यानी कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।कलेक्टर का यह औचक निरीक्षण गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और किसान-अनुकूल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने में परेशानी न झेले।
किसान भाइयों से अनुरोध: साफ-सुथरा गेहूं लाएं, समय पर स्लॉट बुक करें और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
