कटनी कलेक्टर ने सुनीं जनता की फरियादें, 48 से अधिक मामलों पर दिए त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसी सुनवाइयों के माध्यम से छोटी-बड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसी सुनवाइयों के माध्यम से छोटी-बड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

कटनी (मध्य प्रदेश), मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने व्यक्तिगत रूप से 48 से अधिक आवेदनों पर गंभीर सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं का समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई शुरू होते ही कलेक्ट्रेट परिसर में आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने हर फरियादी से मिलकर उनके आवेदनों का बारीकी से अवलोकन किया और समस्याओं को समझा। प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले जमीनी विवाद, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि, विद्युत आपूर्ति की समस्या और पेयजल संकट से जुड़े थे। कई ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तरों की लालफीताशाही और बार-बार चक्कर काटने के बावजूद समस्याओं के न सुलझने पर असंतोष जताया।प्रमुख शिकायतेंजोवा ग्राम (तहसील कटनी) की निवासी पानबाई ने बताया कि बंदोबस्त में हुई त्रुटि के कारण सरकारी दस्तावेजों में उनकी भूमि का रकबा कम दर्ज हो गया है।
तहसील और संबंधित विभागों के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद त्रुटि सुधार नहीं हो पाई, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।बड़वारा तहसील के किसान राजाराम पटेल ने शिकायत की कि खाद्य विभाग के पोर्टल पर उनकी जमीन का खसरा/खाता नंबर गलत दर्ज होने के कारण वे फसलों का पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। सहकारिता समिति में कई बार जाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।ग्राम पंचायत गयतरा से पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पेयजल और बिजली की गंभीर समस्या उठाई।
उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उनका दैनिक जीवन बेहद कठिन हो गया है।कलेक्टर के सख्त निर्देशकलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर उपस्थित विभागीय अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा। सभी मामलों का समय-सीमा के भीतर ठोस और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा, “आमजन को उनके जायज हकों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने और परेशान होने की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन आम नागरिकों की सेवा के लिए है, न कि परेशान करने के लिए।”यह जनसुनवाई मध्य प्रदेश सरकार की जन-केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासन को आमजन के अधिक निकट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसी सुनवाइयों के माध्यम से छोटी-बड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
