महानदी में डूबा 19 वर्षीय युवक, चपाना घाट पर एक हफ्ते में दूसरी मौत
प्रशासन से अब मांग उठने लगी है कि घाट पर तत्काल उचित चेतावनी बोर्ड, बचाव उपकरण और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।
प्रशासन से अब मांग उठने लगी है कि घाट पर तत्काल उचित चेतावनी बोर्ड, बचाव उपकरण और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।

महानदी में डूबा 19 वर्षीय युवक, चपाना घाट पर एक हफ्ते में दूसरी मौत
कटनी (18 मई 2026) — महानदी पुल के निकट चपाना घाट पर रविवार शाम नहाते समय तेज बहाव में एक 19 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। यह घटना महज एक सप्ताह के अंदर इसी घाट पर हुई दूसरी मौत है, जिसने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुड्डी ग्राम का है। मृतक की पहचान ऋषि चौधरी (19 वर्ष), पुत्र संतोष चौधरी, निवासी झिंझरी, थाना माधव नगर के रूप में हुई है। ऋषि अपने कुछ दोस्तों के साथ नहाने के लिए चपाना घाट पर पहुंचा था।
दोस्तों ने बताया कि ऋषि ने पानी में छलांग लगाई, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव के कारण वह सतह पर वापस नहीं आ सका और लापता हो गया। काफी देर तक वह बाहर नहीं निकला तो दोस्तों ने बड़वारा थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया। मशक्कत के बाद युवक का शव निकाला गया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक हफ्ते में दूसरी घटना
चपाना घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी अब जानलेवा साबित हो रही है। मात्र 9 मई को इसी घाट पर बरही थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरिया सानी निवासी अनुपम गुप्ता (15 वर्ष) की भी डूबने से मौत हो चुकी है। महज आठ दिन के अंतराल में दो युवा जानें गंवाने से इलाके में आक्रोश फैल गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था है। गहरा पानी और तेज बहाव होने के बावजूद पर्यटक और नहाने वाले बिना किसी डर के यहां आते रहते हैं।
बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चपाना घाट पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाने व सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की सिफारिश की जाएगी।
चपाना घाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जाने की बातें सालों से चल रही हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन से अब मांग उठने लगी है कि घाट पर तत्काल उचित चेतावनी बोर्ड, बचाव उपकरण और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।
